परसदा रोड पर घुमंतू पशुओं से बढ़ी परेशानी, दुर्घटना की आशंका के बीच बेजुबानों की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी

कुम्हारी, 1 अगस्त। नगर पालिका परिषद कुम्हारी क्षेत्र अंतर्गत परसदा रोड पर घुमंतू पशुओं की रोका-छेका नहीं होने से आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर बड़ी संख्या में मवेशियों के विचरण करने से आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बताया जा रहा है कि इस मार्ग से मालवाहक बड़ी-बड़ी गाड़ियां लगातार गुजरती हैं, जिसके कारण कई बेजुबान पशु सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से पशुओं के संरक्षण और सड़क से हटाने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी देखी जा रही है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि घुमंतू पशुओं के मालिकों को चिन्हित कर मवेशियों को उनके सुपुर्द किया जाना चाहिए। साथ ही नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन से इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने की अपील भी की जा रही है।
लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इन बेजुबान पशुओं की देखरेख की जिम्मेदारी किसकी है—सरकार की या पशु मालिकों की? वर्तमान स्थिति में आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका परिषद कुम्हारी क्षेत्र में आदर्श गौठान की स्थापना की गई है। इसके अलावा परसदा में भी बड़े भू-भाग पर गौठान का निर्माण कराया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार वहां मवेशियों के लिए फिलहाल कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। यही कारण है कि क्षेत्र के पशु दिनभर सड़क पर घूमते और रात में वहीं डेरा डाले दिखाई देते हैं।
दोपहर के समय भी घुमंतू पशु चारा-पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। वहीं जामगांव एम में बायोगैस प्लांट शुरू होने के बाद किसानों का पैरा, चारा बड़ी मात्रा में वहां पहुंचने लगा है, जिससे घुमंतू पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहराने लगा है।
अब यह पूरा मामला लोगों के बीच गंभीर चर्चा का विषय बन गया है और क्षेत्रवासी प्रशासन से शीघ्र ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ बेजुबान पशुओं के संरक्षण की भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।


