भिलाई-तीन व्यवहार न्यायालय में कर्मचारी ने लगाई फांसी सुसाइड नोट में न्यायिक अधिकारी पर प्रताड़ना का आरोप

भिलाई-03 : न्याय के मंदिर में अगर अन्याय की गूंज उठे तो समाज की नींव ही डगमगा जाती है। ऐसा ही एक हृदय विदारक मामला भिलाई-03 स्थित व्यवहार न्यायालय से सामने आया है, जिसने पूरे न्यायिक तंत्र को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मंगलवार सुबह न्यायालय परिसर में कार्यरत एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। घटना ने न केवल न्यायालय परिसर में सनसनी फैला दी, बल्कि पूरे क्षेत्र में भी हलचल मचा दी।

जानकारी के अनुसार, प्रस्तुतकार पद पर पदस्थ सोमनाथ ठाकुर (उम्र लगभग 40 वर्ष) मंगलवार को न्यायालय के कक्ष में फांसी के फंदे पर लटके मिले। सुबह न्यायालय के खुलते ही रोजाना की तरह कामकाज शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिली। आनन-फानन में न्यायालयीन कार्य रोककर मौके पर वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस को सूचित किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ दुर्ग शाखा के जिला अध्यक्ष मनोहर खड़गी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी की उपस्थिति में मृतक की जेब से एक मोबाइल, कुछ नकद राशि और एक सुसाइड नोट बरामद किया गया। जब्ती प्रक्रिया के दौरान उन्हें सुसाइड नोट भी दिखाया गया, जिसमें मृतक ने स्पष्ट रूप से एक न्यायिक अधिकारी द्वारा मानसिक प्रताड़ना और अत्यधिक कार्यभार का उल्लेख किया है। सुसाइड नोट में आत्महत्या का सीधा कारण प्रताड़ना बताया गया है।
जिला अध्यक्ष खड़गी ने कहा कि हम इस मामले को संघ के स्तर पर गंभीरता से लेंगे। संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित शिकायत दर्ज की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। कर्मचारियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और विरोध प्रदर्शन की भी तैयारी की जा रही है।”
उधर, मृतक के परिजनों को जब घटना की जानकारी मिली तो वे भी न्यायालय पहुंचे। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुरानी भिलाई पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और सुसाइड नोट के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।








