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धान खरीदी केंद्रों में उठाव नहीं, बढ़ गई समिति प्रबंधकों की चिंता, खरीदी होगी प्रभावित

अम्लेश्वर : पाटन ब्लॉक के धान खरीदी केंद्रों में धान के उठाव नहीं होने से समिति प्रबंधकों की चिंता बढ़ गई है। पहले किसानों को टोकन पाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी, और अब धान का उठाव न होने से कई केंद्रों में खरीदी बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन ने 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू की, लेकिन किसानों को ऑनलाइन टोकन लेने में परेशानियां आ रही हैं। 30% ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था भी समस्या का समाधान नहीं कर पा रही।अब ऑनलाइन टोकन 31 जनवरी 2026 तक करने की जानकारी सामने आ रही है जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वही खरीदी केंद्रों में धान जाम होने लगा है, जिससे आने वाले समय में खरीदी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

पिछले साल की तरह इस बार भी अगर धान का उठाव समय पर नहीं हुआ, तो कई केंद्रों में खरीदी बंद करनी पड़ सकती है। पिछले साल रानीतराई में खरीदी केंद्र के बाहर लेना पड़ा और सुरपा में तो स्कूल में खरीदी की गई वही सांतरा सोसायटी में तो हप्पते भर खरीदी ही बंद हो गई थी। लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर से मौन है।

जानकारी के मुताबिक, डीईओ (डिलीवरी ऑर्डर) तो कट रहा है, लेकिन ज्यादातर राइस मिलों के नजदीक के केंद्रों के लिए। दूरदराज के केंद्रों तक परिवहन गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही, शायद उनके लिए डीईओ नहीं कट रही। समिति प्रबंधकों का दर्द अब साफ दिख रहा है— धान के उठाव न होने पर सुखद (सूखा) आने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे समितियों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।

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