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कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रारूप में कर्मचारियों की अधिकांश मांगें शामिल, पेंशनरों को भी लाभ देने की मांग तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि मंत्रालय में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के नेतृत्व में सभी मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की बैठक आयोजित कर कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना के शासन द्वारा तैयार प्रारूप पर सुझाव लिए गए।

संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल पांडेय, प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम तथा एस.पी. देवांगन ने बताया कि प्रारूप में कर्मचारी संगठनों की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार कर्मचारियों को उपचार के लिए अनलिमिटेड खर्च की सुविधा मिलेगी तथा अस्पतालों में इलाज के दौरान उन्हें अपनी जेब से कोई राशि नहीं देनी पड़ेगी।

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प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने जानकारी दी कि प्रदेश के 136 अस्पतालों तथा राज्य के बाहर लगभग 76 अस्पतालों में कर्मचारी उपचार करा सकेंगे। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने संगठनों के प्रतिनिधियों को बताया कि कर्मचारियों को पहले रेफर कराए जाने की बाध्यता नहीं रहेगी। साथ ही प्रदेश स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा, जिससे इलाज संबंधी कागजी प्रक्रिया के लिए कर्मचारियों को भटकना नहीं पड़ेगा।

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कर्मचारी संगठनों ने योजना के प्रभावी संचालन के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बजट की कमी की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अलावा अन्य अस्पतालों को भी योजना से जोड़ने की सिफारिश की गई है।

बैठक में यह भी मुद्दा उठाया गया कि वर्तमान प्रारूप में सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों यानी पेंशनरों का उल्लेख नहीं है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी संघ एवं अन्य संगठनों ने पेंशनरों को भी योजना का लाभ देने की मांग की। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने आश्वासन दिया कि आगामी संशोधन एवं कैबिनेट के पूर्व इस विषय पर विचार किया जाएगा।

संघ के लिपिक संवर्ग के प्रांतीय संयोजक बी.के. शुक्ला ने कहा कि प्रारूप कर्मचारी हित में दिखाई देता है, हालांकि शासन प्राप्त सुझावों को कैबिनेट में किस प्रकार लागू करता है, इसका वास्तविक स्वरूप आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में योजना कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम है।

इस योजना को लागू कराने में छत्तीसगढ़ कैशलेस कर्मचारी संघ तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शासन के प्रति आभार व्यक्त करने वालों में संयोजक ओ.पी. शर्मा, तूफान अली, श्यामाकांत तिवारी, सालिक राम नौरंगे, अजय नायक, प्रमेश पाल, सत्येंद्र गुप्ता, पी.सी. जेम्स, लाभेश पगारे, मिर्जा इरफान बेग, अरविंद चंद्राकर, श्रीमती रीमा, श्रीमती जैकलीन डान, जाकिर अली, मनोज, शकील खान, दुर्गेश त्रिपाठी, सबीना मंसूरी, इंद्रसेन विश्वकर्मा, धनेश प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह सहित सभी जिलों के अध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी एवं ब्लॉक पदाधिकारी शामिल रहे।

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