अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस पर बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय
दुर्ग, 24 अक्टूबर 2026/ अंतर्राष्ट्रीय कलाकर दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा के ग्राम बानबरद में आज आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस अवसर पर कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चन्द्राकर, विधायक वैशाली नगर श्री रिकेश सेन और विधायक साजा श्री ईश्वर साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ज्ञानश्रोत कला मंच द्वारा पिछले 46 वर्षों से लगातार काम कर रहा है। 46 साल का सफल बहुत बड़ा होता है। इस संस्था ने अपनी हमारी लोककला और संस्कृति को जीवित रखा है। साथ ही इसे आगे बढ़ाया है, यह छत्तीसगढ़ के लिए बहुत ही गर्व की बात है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोककला एवं संस्कृति की धरती है। यहां कि उर्वरा धरती में केवल धान का उत्पादन नहीं होता है, इस धरती ने तीजन बाई जैसी अनेक लोक कलाकार दिये हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी की प्रसिद्ध कलाकार स्वर्गीय तीजन बाई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पंडवानी एक ऐसी अनूठी विधा है, जिसमें एक ही कलाकार महाभारत कथा के विभिन्न पात्रों की भूमिका को जीवंत रूप में अदा करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिर स्थायी बनाने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए हमारी सरकार ने अनेक पहल की है। उनके गृह ग्राम गनियारी को कला ग्राम के रूप में विकसित करने और हाई स्कूल का नामकरण तीजन बाई के नाम पर करने का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि पंडवानी को विश्व पटल पर खास पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर लोककला अलंकरण राज्योत्सव के दौरान इसी साल से देने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ी सिनेमा और स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास बोर्ड का गठन किया गया है। इसके तहत नया रायपुर में लगभग 300 से 400 करोड़ रुपये की लागत से फिल्म सिटी विकसित की जा रही है, जिसकी अध्यक्षता सुश्री मोना सेन संभाल रही हैं। इस पहल से छत्तीसगढ़ी फिल्मों और अन्य फिल्म निर्माण गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने पद्मश्री उषा बारले और ज्ञानश्रोत लोककला मंच को इस सफल और भव्य आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही आयोजकों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मलेन में शामिल 70 टीम जिसमें 04 पंथी एवं 03 आदिवासी नृत्य दल शामिल है, प्रत्येक टीम के लिए 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, मिडिल स्कूल बानबरद को हाई स्कूल में उन्नयन करने और अहिवारा रेलवे क्रासिंग से अटल परिसर तक बी.टी. रोड निर्माण की घोषणा की।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के संस्कृति को आगे बढ़ाने में यहां के कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यहां के लोकगीत और लोक नृत्य हमारी पहचान है। पंडवानी, पंथी, भरथरी, ददरिया और सुवा नृत्य हमारे जीवन का हिस्सा है। ये केवल गीत या नृत्य नहीं है। ये हमारी आत्मा है। जो हमारी समृद्ध परम्पराओं और मूल्यों को दर्शाते हैं। उन्होंने प्रतिवर्ष आयोजित इस महासम्मेलन को आगे भी जीवंत रखने कलाकारों का आव्हान किया। सम्मलेन को विधायक श्री रिकेश सेन ने भी सम्बोधित किया। इस भव्य कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. उषा बारले द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया। उन्होंने कलाकरों के विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, नगर पालिका परिषद जामुल के अध्यक्ष श्री विद्यासेन कुशवाहा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल तथा प्रदेश भर से सम्मेलन में पहुंचे विभिन्न विधाओं के कलाकार और बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



