30 वर्षों की शिक्षकीय साधना को मिला सम्मान, मुकेश वर्मा को ‘ज्ञानदीप पुरस्कार’
पाटन। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमेरी, विकासखंड पाटन, जिला दुर्ग के गणित शिक्षक मुकेश कुमार वर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत ‘ज्ञानदीप पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर पाटन विकासखंड शिक्षा अधिकारी डालेंद्र देवांगन एवं बीआरसीसी गुणेश्वर प्रसाद वर्मा ने सम्मानित किया। शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों से समर्पित मुकेश वर्मा ने नवाचारपूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
मुकेश वर्मा के अथक प्रयासों और विशेष मार्गदर्शन का परिणाम है कि उनके विद्यालय के अब तक 24 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस), प्रयास परीक्षा एवं श्रेष्ठा जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में चयन हो चुका है। वे गणित जैसे कठिन विषय को रोचक, सरल और जीवनोपयोगी बनाने के लिए नवाचारी शिक्षण पद्धतियों का उपयोग करते हैं। उन्होंने विद्यालय की सभी कक्षाओं को शैक्षिक चार्ट एवं टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) से आकर्षक बनाया है।
विद्यालय के विकास में भी निभाई अहम भूमिका
शिक्षण कार्य के साथ-साथ मुकेश वर्मा ने स्वच्छता, वृक्षारोपण, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके विशेष प्रयासों से पूर्व विद्यार्थियों, स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विद्यालय में सीमेंटीकरण, बाउंड्रीवॉल, स्पीच बॉक्स, कंप्यूटर, वाटर कूलर, मध्यान्ह भोजन के लिए थालियां, सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्तियों की स्थापना, कलामंच निर्माण, पंखे, कूलर, एयर कूलर तथा खेलकूद सामग्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं।
उनके समर्पण और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप विद्यालय को कई बार मॉडल स्कूल एवं स्वच्छ विद्यालय के रूप में पहचान मिली है। उनकी उत्कृष्ट शिक्षण सेवाओं के लिए वर्ष 2011 में पाटन ब्लॉक के श्रेष्ठ शिक्षक तथा वर्ष 2023 में दुर्ग जिले के उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है।
शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल
ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित होने पर पाटन के एबीईओ प्रदीप महिलांगे, श्रीमती आकांक्षा अग्रवाल, श्रीमती सविता महिलांगे सहित पाटन विकासखंड के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मुकेश कुमार वर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनकी उपलब्धि को समर्पित शिक्षण, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण माना जा रहा है।



