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इलेक्ट्रॉनिक तौल बना किसानों की लूट का हथियार, धान तौल में हेराफेरी, मशीन ‘सेट’ कर काटा किसानों का हक

जामगांव आर :  पाटन विकासखंड अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र बटरेल (पंजीयन क्रमांक 507) में धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। किसानों ने इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन में गड़बड़ी कर उनसे धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। यह मामला 06 जनवरी को भी उठा था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने से अब बड़े स्तर पर नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

किसानों की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक (आरआई), पटवारी एवं खाद्य निरीक्षक की मौजूदगी में तौल मशीन का सत्यापन को किया गया। जांच के दौरान 20 किलो के मानक बट से तौलने पर 300 ग्राम का अंतर पाया गया। इस आधार पर आकलन किया गया कि 40 किलो की बोरी के स्थान पर लगभग 41 किलो 200 ग्राम धान तौला जा रहा था। यानी प्रत्येक बोरी में लगभग 600 ग्राम अतिरिक्त धान समिति द्वारा लिया जा रहा था।

इस गड़बड़ी पर किसानों ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद जांच समिति ने पंचनामा तैयार किया। किसानों का कहना है कि इसी प्रकार की अनियमितता पिछले वर्ष भी बटरेल सोसायटी में सामने आई थी, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसका नतीजा यह हुआ कि एक बार फिर किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डाला गया।

06 जनवरी को उठी थी आवाज, लेकिन दबा दी गई

उमरपोटी गांव के एक किसान ने 06 जनवरी को ही धान खरीदी में अधिक तौल की शिकायत समिति संचालन से की थी, लेकिन उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया। किसानों का आरोप है कि यदि उस समय सुधार किया जाता, तो आज कई किसानों को नुकसान नहीं उठाना पड़ता।

15 जनवरी को सामूहिक शिकायत

15 जनवरी को किसान सरजूराम साहू, अभयराम ठाकुर, रेवाराम साहू, कपूरराम साहू, शिवकुमार साहू, पुराणिक साहू, कमलेश्वर साहू, खोमलाल साहू, ओमप्रकाश साहू, योगराम साहू, कुलेश्वर साहू, सूर्यकांत साहू, मोतीराम साहू, देवप्रसाद, खोरबाहरा, रूपेंद्र साहू, महेश साहू सहित अन्य किसानों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कई किसानों के धान खरीदी से जुड़े मामले शामिल हैं।

जानबूझकर सेट की गई मशीन?

किसानों का आरोप है कि जांच समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन में जानबूझकर कैलिब्रेशन सेट किया गया, जिससे तौल में अंतर दिखाई दे। इसे साधारण तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सुनियोजित धांधली बताया जा रहा है।

भ्रष्टाचार का आरोप, लाखों के गमन की आशंका

बटरेल के किसान भेंस आठे ने भी धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए समिति प्रबंधक, प्राधिकृत अध्यक्ष और ठेकेदार पर सीधा भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस गड़बड़ी से लाखों रुपये के गमन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

समिति प्रबंधक का पक्ष

इस पूरे मामले पर समिति प्रबंधक ने तौल में अंतर को इलेक्ट्रॉनिक मशीन की तकनीकी खराबी बताते हुए स्वीकार किया कि तौल में 400 से 500 ग्राम ज्यादा आ रहा था, जिसे शिकायत मिलने के बाद सुधारने की बात कही गई है।

किसानों की नजरें कार्रवाई पर

अब सवाल यह है कि विभागीय अधिकारी इस गंभीर मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर लीपापोती कर मामले को दबाने की कोशिश होगी। किसानों में इसे लेकर गहरा संदेह और आक्रोश है।

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