महात्मा गांधी विद्यानिकी वानिकी विश्वविद्यालय क्षेत्र के आस पास अवैध प्लाटिंग की जाल, सरकारी जमीनों पर भी कब्जे,नहीं पहुंच रही है प्रशासन का हाथ

अमलेश्वर/पाटन। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा-पाटन क्षेत्र के आसपास की कृषि एवं सरकारी भूमि पर जमीन कारोबारियों की सक्रियता बढ़ने के आरोप सामने आ रहे हैं। क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार किसानों की जमीनें कम कीमत पर खरीदकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है, वहीं कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर भी कब्जा किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय क्षेत्र से लगे ग्राम सांकरा, मोतीपुर, कोपेडीह, कापसी, खम्हरिया और पाहंदा में बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीन दलाल तालाब, नहर-नाली और सार्वजनिक उपयोग की भूमि के पास अस्थायी सड़कें बनाकर प्लाट काट रहे हैं। सबसे अधिक शिकायतें खम्हरिया और मोतीपुर क्षेत्र से सामने आ रही हैं।



ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे भी अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं। मोतीपुर चौक से अमलेश्वर पहुंच मार्ग तक कई स्थानों पर निर्माण और कब्जे देखे जा सकते हैं। इसके बावजूद राजस्व विभाग की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
किसानों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि विश्वविद्यालय क्षेत्र की कृषि एवं सरकारी भूमि का सीमांकन कराया जाए, अवैध प्लाटिंग की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में अनियोजित विकास, जल निकासी की समस्या और सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण की स्थिति और गंभीर हो सकती है।



