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गभरा में रात के अंधेरे मे पत्थर युक्त पीली मिट्टी, मुरूम चोरी का आरोप, शिकायत के बाद भी नहीं थम रहा अवैध खनन

पाटन। मानसून की विदाई नजदीक आते ही जनपद पंचायत पाटन क्षेत्र में कथित अवैध पत्थर युक्त पीली मिट्टी मुरूम खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत करगा-गभरा में रात के समय डाबरी से मुरूम निकाले जाने की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच कमलेश ठाकुर ने की है। उनका कहना है कि पिछले करीब एक माह से रात 11 बजे के बाद गाड़ियों के माध्यम से डाबरी से मुरूम निकाला जा रहा है।

सरपंच कमलेश ठाकुर के अनुसार, रात में मुरूम चोरी किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने तहसीलदार और पटवारी को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी है। इसके साथ ही खनिज विभाग को भी मामले की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद रात्रि में मुरूम की खुदाई और परिवहन कथित रूप से लगातार जारी है। सरपंच ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

बताया जा रहा है कि उत्तर पाटन क्षेत्र में अमलेश्वर नगर पालिका क्षेत्र नजदीक होने के कारण मुरूम का उपयोग प्लांट एवं अन्य निर्माण कार्यों में किया जाता है। ऐसे में रात के समय पत्थर युक्त पीली मिट्टी, मुरूम के अवैध खनन और परिवहन की शिकायत सामने आने से खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि बिना अनुमति मुरूम का खनन एवं परिवहन हो रहा है तो इससे शासन को राजस्व की हानि होने की आशंका है। वहीं आंवला बगीचा सहित आसपास सरकारी जमीनों पर बड़ी मात्रा में अवैध भंडार भी किया गया है।

वृक्षारोपण के प्रस्ताव पर भी पड़ सकता है असर

सरपंच ने बताया कि जिस डाबरी से मुरूम निकाले जाने की शिकायत सामने आई है, वहां पंचायत द्वारा वृक्षारोपण कार्य कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है। ऐसे में लगातार खुदाई होने से प्रस्तावित वृक्षारोपण कार्य प्रभावित हो सकता है। पंचायत ने संबंधित अधिकारियों से मौके की जांच कराकर अवैध खुदाई पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात के समय मुरूम की आवाजाही हो रही है तो संबंधित विभाग द्वारा मौके पर जांच एवं निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि अवैध खनन पर रोक लग सके और शासकीय संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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