धान खरीदी टोकन सुधार और मृत किसानों की शेयर राशि वारिसों को दिलाने हेतु ज्ञापन
दुर्ग। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन को जनपद सदस्य (दुर्ग, क्षेत्र क्रमांक-24) एवं किसान नेता ढालेश साहू के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधि मंडल द्वारा दो महत्वपूर्ण जनहितैषी विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य:
किसान नेता ढालेश साहू ने बताया कि विगत धान खरीदी सत्र 2024-25 में जिले के हजारों किसानों को टोकन व्यवस्था की खामियों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। घंटों लाइन में लगने के बाद भी सर्वर डाउन होने से टोकन नहीं कट पाया। वहीं दूसरी ओर बैंक की विभिन्न शाखाओं में, विशेषकर शाखा अण्डा में, सैकड़ों ऐसे किसान शेयरधारक हैं जिनका निधन 10-15 वर्ष पूर्व हो चुका है, लेकिन उनकी अंश पूंजी (शेयर राशि 10,000-15,000 रु. और अधिक) एवं जमा राशि आज भी बैंक में निष्क्रिय पड़ी है। उनके परिवारजन चक्कर लगा रहे हैं।
इसी दोहरी समस्या के निराकरण हेतु यह ज्ञापन दिया गया।
मांग क्रमांक 1 – आगामी धान खरीदी सत्र 2026-27 में टोकन व्यवस्था में सुधार हेतु 5 सूत्रीय मांग:
1. सर्वर क्षमता में वृद्धि: एग्रिस्टैक और टोकन पोर्टल का सर्वर अक्सर सुबह 10-11 बजे डाउन हो जाता है। खरीदी शुरू होने से पहले CHiPS (छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी) के साथ समन्वय कर सर्वर क्षमता दोगुनी की जाए।
2. रकबा सुधार शिविर: अधिकांश किसानों को टोकन काटते समय “रकबा शून्य” या “रकबा कम” दिखाता है। इसलिए खरीदी से 15-20 दिन पहले प्रत्येक समिति में पटवारी, ऑपरेटर और बैंक कर्मी की संयुक्त टीम द्वारा “रकबा व टोकन सुधार शिविर” लगाया जाए।
3. ऑफलाइन टोकन में पारदर्शिता: ग्रामीण अंचल में नेटवर्क समस्या बनी रहती है। समिति स्तर पर ऑफलाइन टोकन रजिस्टर को सुचारू रखा जाए और प्रतिदिन शाम को उसका सार्वजनिक वाचन/प्रदर्शन किया जाए ताकि भाई-भतीजावाद न हो।
4. न्यायसंगत सीमा और कोटा: प्रतिदिन प्रति समिति कितने टोकन कटेंगे, इसका बोर्ड पर प्रदर्शन हो। छोटे एवं सीमांत (1-2 एकड़ वाले) किसानों के लिए 25% विशेष कोटा आरक्षित किया जाए।
5. हेल्पलाइन केंद्र: जिला सहकारी बैंक मुख्यालय में एक समर्पित ‘टोकन हेल्पलाइन’ स्थापित हो जहां किसान तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
मांग क्रमांक 2 – मृत शेयरधारक किसानों की शेयर राशि वारिसों को हस्तांतरित करने हेतु विशेष अभियान:
बैंक के रिकॉर्ड अनुसार बड़ी संख्या में शेयरधारकों की मृत्यु के बाद उनकी राशि पर कोई दावेदार नहीं आया क्योंकि प्रक्रिया जटिल है। इसके लिए मांग की गई:
1. प्रत्येक शाखा में मृत शेयरधारकों की सूची तैयार कर पंचायत भवन और समिति में चस्पा की जाए।
2. वारिस/नॉमिनी/वसीयतधारी के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे – मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिस प्रमाण पत्र, शपथ पत्र आदि की एक सरल, एकरूप सूची बनाकर सार्वजनिक की जाए।
3. माह में 2 दिन प्रत्येक शाखा में विशेष शिविर लगाकर आवेदन लिए जाएं और 30 दिनों में जांच कर राशि हस्तांतरण/भुगतान किया जाए। अभी जो 12.74 करोड़ का लाभांश समितियों को दिया जा रहा है, उसमें मृत सदस्यों का हिस्सा उनके वारिसों को मिलना चाहिए।
4. शाखा स्तर पर एक सहायता काउंटर और नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए जो वारिसों को मार्गदर्शन दे।
5. लंबित प्रकरणों की मासिक प्रगति रिपोर्ट बैंक की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक की जाए।
अध्यक्ष का आश्वासन
बैंक अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन ने प्रतिनिधि मंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि किसान ही सहकारी बैंक की आत्मा हैं। टोकन व्यवस्था के लिए CHiPS से चर्चा की जाएगी और मृत शेयरधारकों के विषय पर शीघ्र ही सभी शाखा प्रबंधकों की बैठक बुलाकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उपस्थित प्रमुख जन:
झाडू निर्मलकर, कीर्तन साहू, महेश कुमार साहू, सुरेंद्र निर्मलकर, भुवनेश्वर प्रसाद साहू, बलराम साहू पटेल, रोशन साहू, रूपेन्द्र रिगरी, जनपद सदस्य व किसान नेता ढालेश साहू के साथ ग्राम रिसामा, नगपुरा, पुरई, अण्डा क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।



