पाहंदा अ के दशहरा मैदान में सजेगा आस्था और परंपरा का भव्य संगम, रामलीला के बाद होगा विशाल रावण दहन

अमलेश्वर-पाहंदा अ। पाटन विकासखंड के उत्तर पाटन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पाहंदा अ में विजयादशमी पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गांव के ऐतिहासिक दशहरा मैदान स्थित रावण भाटा में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी दशहरा उत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर शाम लगभग 7 बजे से भव्य रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके पश्चात विशाल रावण के पुतले का दहन आतिशबाजी के साथ किया जाएगा।
ग्राम पाहंदा अ का दशहरा उत्सव अपनी ऐतिहासिक परंपरा और धार्मिक आस्था के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां दशहरा मैदान में वर्ष 1988 में निर्मित रावण मंच पर रामलीला का मंचन किया जाता है। वहीं, मंच पर वर्ष 1974 में स्थापित लंकेश की प्रतिमा भी मौजूद है, जिसका ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिवर्ष रंग-रोगन एवं साज-सज्जा कराई जाती है। यह प्राचीन प्रतिमा दशहरा उत्सव के दौरान लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रहती है।
दशहरा उत्सव के लिए सजा रावण भाटा का बाजार
विजयादशमी पर्व को लेकर रावण भाटा में बाजार सजकर तैयार हो गया है। उत्सव को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शाम होते ही दशहरा मैदान में ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगेगी। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म की महत्ता और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा। इसके बाद विशाल रावण दहन और आकर्षक आतिशबाजी के साथ उत्सव का समापन होगा।
परंपरा के साथ दिया जाता है सत्य और धर्म का संदेश
ग्राम पाहंदा अ में दशहरा उत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि गांव की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में ग्रामीणजन दशहरा मैदान में एकत्रित होकर उत्साहपूर्वक विजयादशमी का पर्व मनाते हैं। रावण दहन के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया जाता है कि अहंकार, अन्याय और बुराई का अंत निश्चित है तथा अंततः सत्य, सदाचार और अच्छाई की ही विजय होती है।
गांव की ऐतिहासिक परंपरा, रामलीला का मंचन, प्राचीन लंकेश प्रतिमा और विशाल रावण दहन पाहंदा अ के दशहरा उत्सव को विशेष बनाते हैं।



