ग्रामीण-शहरी विकास और जनकल्याण योजनाओं को मिला बड़ा प्रोत्साहन/रवि सिंगौर

अम्लेश्वर। राज्य सरकार ने जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण एवं शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख योजनाओं के लिए व्यापक बजटीय प्रावधान किए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाना और समावेशी विकास को गति देना है।


जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम सांकरा के युवा सरपंच रवि सिंगौर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं नागरिकों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विशेष पिछड़े जनजातीय समूहों (PVTGs) के सर्वांगीण विकास के लिए पीएम जनमन योजना के तहत 720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त प्रमुख योजनाओं हेतु निम्नलिखित बजटीय प्रावधान किए गए हैं—
जल जीवन मिशन – 3,000 करोड़ रुपये
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन – 2,000 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना – 1,725 करोड़ रुपये
समग्र शिक्षा अभियान – 1,500 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) – 825 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना – 820 करोड़ रुपये
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना – 600 करोड़ रुपये
समग्र विकास योजना (ग्रामीण विकास) – 300 करोड़ रुपये
सरकार का यह कदम बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने, स्वास्थ्य-शिक्षा सेवाओं की पहुँच बढ़ाने तथा गरीब, किसान और श्रमिक वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।








