पाहंदा (अ)में घास भूमि की बिक्री का मामला आया सामने, ग्रामीणों ने जांच की उठाई मांग

पाटन, अम्लेश्वर। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाहंदा (अ) में शासकीय घास भूमि (चरनोई भूमि) की कथित बिक्री का मामला सामने आ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गांव की सरकारी जमीनों पर लंबे समय से प्रभावशाली लोगों की नजर बनी हुई है। राजधानी रायपुर से सटे होने के कारण क्षेत्र में भूमि कारोबारियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और अवैध प्लाटिंग का कारोबार भी जोर-शोर से संचालित होने की चर्चा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पाहंदा में घास भूमि को कुछ लोगों की कथित मिलीभगत से बेचने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासकीय भूमि को निजी स्वार्थ के लिए उपयोग में लाया जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।


बताया जा रहा है कि गांव के कुछ ग्रामीण इस मामले से जुड़े दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं और जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा करने की तैयारी में हैं। ग्रामीणों द्वारा संबंधित दस्तावेजों के साथ मामले को सार्वजनिक किए जाने की बात कही जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में शीघ्र ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जा सकती है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
(नोट: उक्त आरोप स्थानीय सूत्रों एवं ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। मामले की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।)






