धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था, बारिश में सड़ रही भूसी और बारदाना, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

पाटन। दुर्ग जिले के अंतर्गत आने वाले कई धान खरीदी केन्द्रों में इन दिनों अव्यवस्था का आलम देखने को मिल रहा है। सूखे की मार के बीच अब धान खरीदी के बाद बची भूसी और बारदाने के रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। बारिश के कारण खुले में पड़ी भूसी सड़ने और पानी में बहने की स्थिति में है, वहीं हजारों की संख्या में बारदाना भी भीगकर खराब हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक ठोस पहल नहीं की गई है।
ऐसी ही स्थिति धान खरीदी केन्द्र बठेना सिकोला में देखने को मिली, जहां भूसी खुले में पड़ी हुई है और लगातार बारिश से खराब हो रही है। वहीं बड़ी मात्रा में रखा गया बारदाना भी बारिश में भीग रहा है। यह बारदाना आगे उपयोग के योग्य है या नहीं, यह जांच का विषय बन गया है।



जानकारी के अनुसार, जिन समितियों में धान खरीदी के लिए चबूतरे का निर्माण किया गया था, वहां भूसी को चबूतरे पर रखा गया है। लेकिन कई सोसाइटियों में अब तक न तो चबूतरा बन पाया है और न ही शेड का निर्माण हो सका है। ऐसी जगहों पर पूरी भूसी खुले में पड़ी हुई है और बारिश में सड़ रही है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
धान खरीदी पूर्ण हुए लगभग छह माह बीत जाने के बाद भी भूसी और बारदाने के सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था नहीं होना विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। वर्तमान में वर्षा ऋतु चल रही है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पूरी भूसी खराब हो जाने के बाद ही उसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा?
सहकारिता विभाग के जनपद पंचायत सभापति पाटन खेमलाल देशलहरा ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी समाप्त होने के बाद भूसी और बारदाने का सुरक्षित ढंग से रखरखाव किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
वर्जन: “भारी बारिश के कारण भूसी का रखरखाव नहीं हो पाया है। मौसम साफ होने पर भूसी को सुरक्षित किया जाएगा। खुले में रखा हुआ बारदाना खराब है।” — सुपरवाइजर, धान खरीदी केन्द्र ,बठेना सिकोला



