राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने किया 12 वर्षीय दिव्यांश सुल्तानिया की पुस्तक ‘Thoughts About God’ का विमोचन

रायपुर। महज 12 वर्ष की उम्र में अध्यात्म और वित्तीय जागरूकता जैसे दो अलग-अलग विषयों पर लेखन की पहल करने वाले युवा लेखक मास्टर दिव्यांश सुल्तानिया को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आशीर्वाद एवं प्रोत्साहन मिला। हाल ही में लोक भवन, रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका तथा मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिव्यांश की पहली पुस्तक ‘Thoughts About God’ का विमोचन किया। दोनों अवसरों पर उनकी आगामी पुस्तक ‘From Pocket Money to Portfolio’ के कवर का भी अनावरण किया गया।
राज्यपाल ने कहा—जिज्ञासा ही ज्ञान की यात्रा का आधार
लोक भवन में आयोजित मुलाकात के दौरान राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दिव्यांश की कम उम्र में ईश्वर और अध्यात्म जैसे गहन विषय को समझने और अपने विचारों को पुस्तक के रूप में अभिव्यक्त करने की पहल की सराहना की।
राज्यपाल ने दिव्यांश से पुस्तक की विषयवस्तु, उनकी लेखन यात्रा तथा पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस बात की सराहना की कि एक विद्यार्थी के मन में उठने वाले प्रश्नों को दबाने के बजाय उन्हें समझने, उनके उत्तर खोजने और फिर अपने विचारों को शब्दों में व्यक्त करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने दिव्यांश को संदेश दिया कि जीवन में जिज्ञासा और सीखने की प्रवृत्ति को हमेशा बनाए रखें। अच्छी पुस्तकें पढ़ें, अलग-अलग विषयों को समझें और अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से विकसित करें। उन्होंने कामना की कि दिव्यांश शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों और सकारात्मक सोच को लेकर आगे बढ़ें तथा उनका लेखन समाज, विशेषकर नई पीढ़ी, को सोचने और सीखने के लिए प्रेरित करे।
राज्यपाल ने उनकी आगामी पुस्तक ‘From Pocket Money to Portfolio’ के विषय में भी रुचि दिखाई। बच्चों और किशोरों को छोटी उम्र से ही पैसे के सही उपयोग, बचत और वित्तीय समझ से परिचित कराने के प्रयास को उन्होंने एक अलग और उपयोगी विषय के रूप में देखा तथा दिव्यांश को इस दिशा में अध्ययन करते हुए आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा—प्रतिभा से छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करें
वहीं मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिव्यांश की उपलब्धि को नई पीढ़ी की प्रतिभा और रचनात्मकता का उदाहरण बताते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने इतनी कम उम्र में पुस्तक लेखन की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रुचि के क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। कम उम्र में पढ़ने, सोचने और कुछ नया करने की आदत भविष्य में व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव बनती है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दिव्यांश की दूसरी पुस्तक ‘From Pocket Money to Portfolio’ की अवधारणा की सराहना की। किशोरों को पॉकेट मनी से ही बचत, आर्थिक अनुशासन, धन प्रबंधन और निवेश की प्रारंभिक समझ देने का विचार आज के समय में महत्वपूर्ण है। उन्होंने दिव्यांश को वित्तीय विषयों को सरल और बच्चों के अनुकूल तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांश को अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए लेखन और ज्ञान अर्जन की इस यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने शुभकामना व्यक्त की कि दिव्यांश आने वाले वर्षों में शिक्षा, लेखन और अपनी प्रतिभा के माध्यम से नई उपलब्धियां हासिल करें तथा छत्तीसगढ़ के साथ पूरे भारत का नाम रोशन करें।
बालमन से अध्यात्म तक—‘Thoughts About God’
दिव्यांश की पहली पुस्तक ‘Thoughts About God’ ईश्वर और अध्यात्म को किसी विद्वान या धर्मगुरु के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि एक बच्चे और विद्यार्थी की सहज जिज्ञासा के नजरिए से देखने का प्रयास है। इसमें ईश्वर, जीवन, आस्था और अध्यात्म को लेकर उनके मन में आने वाले प्रश्नों, विचारों और उनकी अपनी समझ को सरल रूप में अभिव्यक्त किया गया है।
पुस्तक की विशेषता इसका बाल-सुलभ दृष्टिकोण है—जहां उत्तर देने से अधिक प्रश्न पूछने, समझने और स्वयं विचार करने की प्रवृत्ति दिखाई देती है।
अब ‘Pocket Money’ से ‘Portfolio’ तक का सफर
अपनी पहली पुस्तक के बाद दिव्यांश अब एक बिल्कुल अलग विषय पर काम कर रहे हैं। उनकी आगामी पुस्तक ‘From Pocket Money to Portfolio’ बच्चों और किशोरों में वित्तीय जागरूकता विकसित करने पर केंद्रित है।
इसमें पॉकेट मनी का सही उपयोग, बचत की आदत, जरूरत और इच्छा के बीच अंतर, पैसे का प्रबंधन, निवेश की शुरुआती समझ तथा कम उम्र से आर्थिक अनुशासन विकसित करने जैसे विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।
12 वर्षीय दिव्यांश सुल्तानिया की अध्यात्म से लेकर वित्तीय जागरूकता तक विविध विषयों में रुचि उनके सीखने, चिंतन करने और नए विषयों को समझने की जिज्ञासा को दर्शाती है।
लोक भवन एवं मुख्यमंत्री निवास में आयोजित दोनों अवसरों पर दिव्यांश के पिता श्री सुधीर सुल्तानिया, माता श्रीमती सरिता सुल्तानिया एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



