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2016 के शासनादेश के बावजूद ग्राम पंचायतों के बिजली कनेक्शन काटे जाने से उठे सवाल

पाटन। ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट सहित अन्य विद्युत कनेक्शनों के बकाया बिजली बिल को लेकर इन दिनों कार्रवाई किए जाने से पंचायतों के सामने परेशानी की स्थिति निर्मित हो रही है। बिजली बिल जमा नहीं होने के कारण ग्राम पंचायतों के विद्युत कनेक्शन काटे जाने की जानकारी सामने आ रही है। वहीं दूसरी ओर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2016 में जारी शासनादेश को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं। पाटन विधानसभा क्षेत्र में एक ग्राम पंचायत ने उक्त विषय में शासनादेश पत्र दिखाया है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 13 मई 2016 को पत्र जारी कर ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित स्ट्रीट लाइट एवं अन्य विद्युत देयकों के भुगतान के संबंध में निर्देश दिए थे। पत्र में दोहरे भुगतान की स्थिति से बचने के लिए ग्राम पंचायतों को आगामी आदेश तक छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को स्ट्रीट लाइट के विद्युत देयकों का भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए गए थे।

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अब वर्तमान समय में बकाया बिजली बिल को लेकर ग्राम पंचायतों के कनेक्शन काटे जाने से पंचायत प्रतिनिधियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि पुराने शासनादेश के बाद बिजली बिल भुगतान की वर्तमान व्यवस्था क्या है और ग्राम पंचायतों के विद्युत देयकों का भुगतान किस मद से एवं किस विभाग द्वारा किया जाना है?

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बताया जा रहा है कि सरकारी विभागों पर बिजली बिल की बड़ी राशि बकाया होने के बीच बिजली वितरण कंपनी द्वारा बकायेदार सरकारी कनेक्शनों पर कार्रवाई की जा रही है। हालिया रिपोर्टों में भी सरकारी विभागों के बिजली बिल बकाया होने तथा कुछ सरकारी कनेक्शन काटे जाने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे में ग्राम पंचायतों के स्ट्रीट लाइट, पंचायत भवन एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के विद्युत कनेक्शनों को काटे जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।

वहीं वर्ष 2016 में जारी शासनादेश की वर्तमान स्थिति को लेकर भी शासन एवं बिजली वितरण कंपनी से स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है, ताकि ग्राम पंचायतों पर अनावश्यक आर्थिक भार न पड़े और ग्रामीण क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित न हो।शासन स्तर पर स्पष्ट आदेश जारी कर बकाया राशि के भुगतान की जिम्मेदारी, बजट मद और प्रक्रिया स्पष्ट की जाए, ताकि पंचायतों और बिजली विभाग के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

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