रानीतराई में 40 फीट के रावण का होगा दहन, 50 साल पुरानी परंपरा के तहत आसमान में छोड़े जाएंगे विशेष गुब्बारे

रानीतराई। सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के तत्वावधान में ग्राम पंचायत रानीतराई में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजन को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच सत्यनारायण टिकरिहा के नेतृत्व में तैयारियां की जा रही हैं।
दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन के साथ ही पिछले लगभग 50 वर्षों से चली आ रही विशेष गुब्बारे छोड़ने की परंपरा भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इन विशेष गुब्बारों के भीतर जलता हुआ दीपक आकाश में अलग ही दृश्य प्रस्तुत करता है, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों में विशेष उत्साह रहता है। इन गुब्बारों का निर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाता है, जो गांव की पुरानी परंपरा और स्थानीय कारीगरों की कला को जीवंत बनाए हुए है।
इस परंपरा को आगे बढ़ाने में स्वर्गीय बी.एल. देवांगन सर एवं स्वर्गीय जे.के. टिकरिहा सर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पहले उनके द्वारा विशेष गुब्बारों का निर्माण किया जाता था। वर्तमान में पिछले लगभग 10 वर्षों से हेमंत विश्वकर्मा इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विशेष गुब्बारों का निर्माण कर रहे हैं। दशहरा के दिन रावण दहन के पश्चात आसमान में इन गुब्बारों को छोड़ा जाता है, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनते हैं।
रामलीला के बाद होगा रावण दहन
आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, रामलीला की प्रस्तुति के पश्चात 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इसी संदेश के साथ ग्रामीण पूरे उत्साह और श्रद्धा से इस पर्व को मनाते हैं। इस अवसर पर घर-घर में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना भी की जाती है।
रानीतराई का दशहरा उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी अनूठी परंपराओं और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के लिए भी विशेष पहचान रखता है। 40 फीट के रावण दहन और आसमान में छोड़े जाने वाले विशेष गुब्बारों को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है।



