ग्राम तर्रा में बेटियां निभाती हैं रामलीला के सभी किरदार, कन्याओं के हाथों होता है, अहंकारी रावण दहन

पाटन। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत तर्रा में दशहरा उत्सव अनूठी परंपरा और विशेष आयोजन के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। यहां अहंकार रूपी रावण का दहन कन्याओं द्वारा किया जाता है। यही खासियत ग्राम तर्रा के दशहरा उत्सव को जिले और प्रदेश में चर्चा का विषय बनाती है।
ग्राम तर्रा में विगत कई वर्षों से दशहरा पर्व के अवसर पर रामलीला का भव्य मंचन उत्साह और उमंग के साथ किया जाता है। इस रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भगवान श्रीराम और रावण सहित सभी प्रमुख पात्रों की भूमिका बालिकाएं निभाती हैं। बालिकाओं द्वारा रामलीला के विभिन्न किरदारों का जीवंत अभिनय दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। यह परंपरा न केवल गांव की सांस्कृतिक विरासत को सहेज रही है, बल्कि बालिकाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और कला को भी मंच प्रदान कर रही है।
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इसी संदेश को आत्मसात करते हुए ग्राम तर्रा में दशहरा उत्सव हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। कन्याओं द्वारा रावण दहन की परंपरा इस आयोजन को विशिष्ट बनाती है और समाज को अहंकार, अन्याय तथा बुराइयों का त्याग करने का संदेश देती है।
ग्राम पंचायत तर्रा के सरपंच विपिन चंद्राकर ने समस्त ग्रामवासियों से दशहरा उत्सव को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से ही गांव की इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया जा सकता है।
दशहरा उत्सव वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न होता है। आयोजन में ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता और सामूहिक सहयोग से उत्सव का माहौल भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण बन जाता है। ग्राम तर्रा की यह अनूठी परंपरा आज सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ सामाजिक एकता और नारी प्रतिभा के सम्मान का भी प्रेरणादायी उदाहरण बन रही है।



