दुर्ग जेल में विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 339 बंदियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
•हमें ऐसी दुनिया बनाना है जहां अपराध न हो - विजय बघेल

मनोज साहू /दुर्ग/ जिला जेल दुर्ग में शनिवार को एक विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 339 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के संस्थापक और शिक्षाविद् डॉ. आईपी मिश्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।


शिविर का आयोजन जनहित संघर्ष समिति के संयोजक शारदा गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। दीप प्रज्वलन कर सांसद विजय बघेल, डॉ. आईपी मिश्रा और जेल अधीक्षक मनीष सांभकर ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सांसद विजय बघेल का प्रेरणादायक संदेश
सांसद बघेल ने अपने संबोधन में कहा, “हमें एक ऐसी दुनिया बनानी है जहां अपराध न हों और चारों ओर प्रेम का वातावरण हो। छोटी-छोटी गलतियां भी जेल का कारण बन सकती हैं, इसलिए युवाओं को सजग रहना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, इसलिए इस तरह के शिविर बेहद आवश्यक हैं।
उन्होंने शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि कॉलेज की टीम हर बार सेवा के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने अपने संसदीय सचिव कार्यकाल की यादें भी साझा कीं, जब उन्हें गृह एवं जेल विभाग की जिम्मेदारी मिली थी।

विशेषज्ञों ने दी सेवाएं
शिविर में शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज, रुंगटा कॉलेज, जिला अस्पताल दुर्ग और आरोग्यम हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने सेवाएं दीं। स्वास्थ्य परीक्षण में जनरल मेडिसिन, दंत चिकित्सा, नेत्र रोग, त्वचा रोग और मनोरोग जैसे विभाग शामिल रहे।
मुख्य चिकित्सक टीम में शामिल थे:
डॉ. अल्पना अग्रवाल (नेत्र विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय)
डॉ. प्रशांत अग्रवाल (नेत्र रोग विशेषज्ञ)
डॉ. जावेद खान (मनोचिकित्सक)
डॉ. सुनीता जैन, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. शरद, डॉ. आर्ची कृपलानी, डॉ. शिवानी, डॉ. धगेंद्र ध्रुव, डॉ. जितेंद्र प्रसाद, डॉ. संदीप (आरोग्यम हॉस्पिटल) सहित अनेक विशेषज्ञ।
रुंगटा कॉलेज और आरोग्यम हॉस्पिटल की टीम में डॉक्टर हिना साहनी, डॉ. आविष्कार कुमार, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. शुभम, डॉ. देवेश सहित कई युवा चिकित्सकों ने भी सेवाएं दीं।
कुल 339 बंदियों का परीक्षण
स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 339 बंदियों का परीक्षण किया गया:
जनरल मेडिसिन: 48
दंत चिकित्सा: 25
त्वचा रोग: 58
नेत्र रोग: 95
मनोरोग: 48
अन्य परीक्षण: 65
समाजसेवा को बताया सबसे बड़ी पूजा
शिक्षाविद् डॉ. आईपी मिश्रा ने कहा, “समाज सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है। जब भी आवश्यकता होगी, शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक टीम सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहेगी।”
जेल प्रशासन की सराहनीय पहल
जेल अधीक्षक मनीष सांभकर ने कहा कि जेल प्रशासन द्वारा कैदियों के लिए समय-समय पर सांस्कृतिक, योग, और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें।
वृक्षारोपण कर दिया गया पर्यावरण-संवेदनशीलता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में जेल परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। इस अवसर पर डायरेक्टर आईपी मिश्रा, जेल अधीक्षक मनीष सांभकर, विधि अधिकारी यिशु देशमुख, फार्मासिस्ट डीएस कोसारे, सहायक जेल अधिकारी अशोक साव, और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
जनहित संघर्ष समिति का संकल्प
समिति संयोजक शारदा गुप्ता ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के शिविर आयोजित कर कैदियों को समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम का संचालन विनोद उपाध्याय ने किया और आभार मदन सेन ने प्रकट किया।








