तहसील साहू संघ पाटन के पांचों परिक्षेत्र का चुनाव संपन्न, एक पत्रकार तो चार भाजपा कार्यकर्ता बने परिक्षेत्रिय अध्यक्ष

पाटन : तहसील साहू संघ पाटन अंतर्गत पांचों परिक्षेत्र का त्रिवार्षिक आम चुनाव संपन्न हो गया है। सामाजिक चुनाव पर्यवेक्षकों के द्वारा बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से छत्तीसगढ़ साहू संघ के एकीकृत नियमानुसार चुनाव कराया गया है। कहीं पर भी किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। लगातार चुनाव के पहले प्रदेश साहू संघ आभार प्रदर्शन के रूप में प्रदेश के साथ जिले का दौरा किया और संदेश देने की कोशिश की की चुनाव सामाजिक एकता को बनाए रखते हुए निर्विरोध हो लेकिन तहसील साहू संघ पाटन के किसी भी परिक्षेत्र में यह स्थिति निर्मित नहीं हो पाई।
अंततः सामाजिक मुख्य चुनाव अधिकारी के द्वारा चुनाव को प्रजातंत्र के माध्यम से चुनाव को संपन्न कराया गया। सामाजिक लोगो में यह भी चर्चा है कि पांचो परिक्षेत्र के चुनाव में कहीं पर भी शुद्ध रूप से सामाजिक कार्यकर्ता परिक्षेत्रिय अध्यक्ष नहीं बन पाए और ना ही चुनाव मैदान में उतर पाए। सभी जगह गुटीय राजनीति हावी रही साथ ही भाजपा समर्थक परिक्षेत्रिय अध्यक्ष बने। पांचों परिक्षेत्र में सामाजिक गुट के हिसाब से चुनाव लड़ा गया और जीत हासिल एक गुट की हुई। सर्वप्रथम 07 अक्टूबर को असनारा परिक्षेत्र का चुनाव संपन्न हुआ जहां पर पत्रकार किशन हिरवानी को असनारा परिक्षेत्र का अध्यक्ष मतदाताओं ने चुना वे शुद्ध रूप से सामाजिक कार्यकर्ता होने की बात कही हैं। लेकिन सामाजिक लोगों को कहना है कि कांग्रेस पार्टी के विचारधारा से जुड़े हुए थे।और वरिष्ठ पत्रकार भी है।साथ ही तेलीगुंडरा परिक्षेत्र में रामनारायण साहू को अध्यक्ष बनाया गया है जो वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता है।जिसकी चुनाव 09 अक्टूबर को हुआ,वही जामगांव परिक्षेत्र में भी भाजपा कार्यकर्ता बने अध्यक्ष पारखत साहू जिसका चुनाव 11 अक्टूबर को हुआ तत्पश्चात बेल्हारी परिक्षेत्र में भी टेस राम साहू बने अध्यक्ष एक भाजपा कार्यकर्ता है। अंत में आता है झीट परिक्षेत्र जो बहुत चर्चित रहा जहां पर एक महिला को परिक्षेत्र का कमान सौंपी है। श्रीमती गायत्री साहू भी एक भाजपा नेत्री है और वर्तमान में ग्राम पंचायत उफरा के सरपंच भी है।जो 15 अक्टूबर को चुनी गई।



पूरा सिस्टम अगर देखा जाए सामाजिक गतिविधियों का तो अब शुद्ध रूप से सामाजिक कार्य करने वाले बहुत कम मिलेंगे हालांकि पदाधिकारी बैठक में बोलते हैं कि समाज में राजनीति नहीं होनी चाहिए लेकिन राजनीति के बिना समाज भी अधूरा है और अब के समय में कोई भी शुद्ध रूप से सामाजिक कार्य नहीं कर पाएगा जब तक राजनीतिक सपोर्ट नहीं हो पाएगा इसका परिणाम तहसील साहू संघ के पांचो परिक्षेत्र में देखने को मिला है अब समाज और राजनीतिक मिलकर एक नवाचार के साथ सामाजिक कार्य करने के लिए निश्चित रूप से पदाधिकारी का कर्तव्य बनता है। और समाज इन सभी पदाधिकारियों के नेतृत्व में नवाचार के साथ आगे बढ़ेगा। आने वाले समय में तहसील साहू संघ का चुनाव संपन्न होगा अब देखना यह कि गुटिय राजनीति से चुनाव होगा या राजनीतिक गतिविधियों से या फिर निर्विरोध निर्वाचित होंगे।



