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मौसम में उतार-चढ़ाव से बढ़े वायरल व सीजनल फीवर के मामले, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी जरूरी सलाह, पढ़िए पूरी ख़बर सिर्फ cgkegoth.com पर

दुर्ग/ बदलते मौसम और जलवायु में तेजी से हो रहे बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। पूरे क्षेत्र में इन दिनों वायरल फीवर, सीजनल फीवर, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक गिरावट और तेज धूप-ठंड के उतार-चढ़ाव के कारण प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है, जिससे बीमारी लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखती है।

झोलाछाप डॉक्टर और गूगल सर्च से बचें: डॉ. आशीष शर्मा

पूर्व खंड चिकित्सा अधिकारी एवं एम.डी. फिजिशियन डॉ. आशीष शर्मा जो कि वर्तमान में मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खैरागढ़ में हैं ने बताया कि वर्तमान समय में वायरल और सीजनल रोगों का प्रभाव सामान्यतः 10 से 15 दिनों तक बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि लोग बीमारी की शुरुआत में ही झोलाछाप डॉक्टरों, मेडिकल स्टोर्स या इंटरनेट सर्च से दवाइयाँ लेना शुरू कर देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

उन्होंने स्पष्ट कहा—

“बीमारी के किसी भी लक्षण पर मरीज को सीधे नज़दीकी शासकीय चिकित्सक के पास जाना चाहिए, क्योंकि सही निदान और फिजिकल जांच के बाद ही दवा का उचित चयन संभव है।”

सरकारी अस्पतालों में सभी जांच और दवाएं निःशुल्क

डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और फ्लू से संबंधित सभी तरह की जांचें तथा दवाएं शासकीय अस्पतालों में पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक खर्च और जोखिम लेने के बजाय सरकारी संस्थानों में इलाज कराएं।

संक्रमण से बचने के लिए जरूरी सावधानियाँ

डॉ. शर्मा ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने की अपील की—

मास्क का उपयोग करें, ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले

पर्याप्त आराम करें

उबला और ठंडा किया हुआ पानी पिएं

हल्का एवं सुपाच्य भोजन करें

केवल चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाओं का ही सेवन करें

उन्होंने बताया कि सामान्यतः सर्दी, खांसी, बदन दर्द, बुखार, थकान और जोड़ों में जकड़न जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं, जिनका प्रभाव व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर 4 से 15 दिन तक रह सकता है।

“तेज ठंड और तेज धूप का बदलाव वायरल संक्रमण का बड़ा कारण” – डॉ. कठौतिया

इधर, पाटन के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कठौतिया ने भी क्षेत्र में बढ़ते वायरल एवं सीजनल फीवर की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में मरीजों को सामान्य दिनों की तुलना में स्वस्थ होने में अधिक समय लग रहा है।

डॉ. कठौतिया ने कहा—

“अचानक तेज ठंड व फिर तेज धूप का तापमान परिवर्तन वायरल इन्फेक्शन को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे हालात में संक्रमण तेजी से फैलता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।”

चिकित्सकों की आम जनता से अपील

दोनों चिकित्सकों ने आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे—

स्वयं इलाज करने से बचें

अनियमित दवाओं का सेवन न करें

लक्षण दिखने पर तुरंत शासकीय अस्पताल जाएँ

और रोगों से बचाव के लिए सामूहिक जागरूकता बढ़ाएँ

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