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दुर्ग जिले में 112 बालवाड़ियों के प्रभावी संचालन हेतु DRG की एक दिवसीय जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न

दुर्ग : नई शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक बाल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान संस्था और अह्वान ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से दुर्ग जिले की 112 बालवाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा और जिला मिशन समन्वयक विनोद सिन्हा के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय DRG (जिला संसाधन समूह) सदस्यों की एक दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व एपीसी शशिभूषण शर्मा और श्रवण सिन्हा ने किया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य ECCE–FLN और प्रोजेक्ट “बुनियाद” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला संसाधन समूह की भूमिका को मजबूत करना था। इसमें प्रारंभिक बाल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने, कक्षा प्रक्रियाओं में सुधार लाने और सीखने के प्रतिफलों को हासिल करने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की गई। बैठक में यह स्पष्ट माना गया कि जिला संसाधन समूह जिले में चल रहे ECCE–FLN प्रयासों की सबसे मजबूत कड़ी है, और इन्हीं सदस्यों के माध्यम से प्रशिक्षण, निगरानी, कक्षा-अवलोकन और शिक्षण समर्थन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो सकती हैं।

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नेतृत्वकर्ताओं ने बालवाड़ियों में गुणवत्तापूर्ण कक्षा-अवलोकन, उद्देश्यपूर्ण फीडबैक, गतिविधि-आधारित शिक्षण, ध्वनि–अक्षर संबंध, सीखने के वातावरण के सुदृढ़ीकरण और शिक्षक–अभिभावक समन्वय पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि DRG सदस्य आगामी समय में बालवाड़ी शिक्षकों के साथ नियमित रूप से कक्षा में सहयोग प्रदान करेंगे, योजना निर्माण में मार्गदर्शन देंगे और ब्लॉक व जिला स्तर की समीक्षाओं में डेटा-आधारित सुझाव प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही मॉडल बालवाड़ियों को सीखने के केंद्र (Learning Hubs) के रूप में उपयोग करते हुए शिक्षकों के बीच उत्कृष्ट प्रथाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा।

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बैठक में अभिभावक सहभागिता को भी प्रारंभिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा गया कि PTMs, समुदाय बैठकें, व्हाट्सऐप समूह और अन्य डिजिटल learning apps के माध्यम से अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने से बच्चों की सीखने की गति और भी बेहतर हो सकेगी। ECCE और FLN को सफल बनाने के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध आवश्यक बताए गए।

इस अवसर पर एपीसी सीता अग्रवाल और संजय राजपूत सहित अह्वान ट्रस्ट के जिला समन्वयक तुकाराम टेखरे, लक्ष्मण मालवीय और प्रदीप शर्मा मौजूद रहे। जिले के 50 से अधिक DRG सदस्यों ने बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के प्रति प्रतिबद्धता जताई।

दुर्ग जिले में प्रारंभिक बाल शिक्षा को नई दिशा देने वाली यह बैठक आगामी कार्ययोजनाओं और बालवाड़ियों में सीखने की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

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