दुर्ग ग्रामीण विधानसभा बना भ्रष्टाचार का अड्डा – ढालेश साहू
उतई सीएचसी में 26 लाख के गबन प्रकरण पर भड़के जनपद सदस्य; बोले—70 बार खातों में ट्रांसफर होना संगठित लूट का सबूत
उतई: दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के किसान नेता व जनपद सदस्य ढालेश साहू ने उतई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सरकारी योजनाओं के 26 लाख रुपये के गबन की पुष्टि होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “दुर्ग ग्रामीण विधानसभा अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है, जहां सरकारी फंड को लूटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।”
साहू ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि जन्मनी समिति (JDS) और जननी सुरक्षा योजना (JSY) के खातों से करीब 70 बार अवैध तरीके से राशि को अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया। यह साबित करता है कि यह कोई एक-दो दिन की गलती नहीं, बल्कि सुनियोजित और व्यवस्थित आर्थिक अपराध है।



उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर की गड़बड़ी बिना प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और वित्तीय अधिकार रखने वाले अधिकारियों की मिलीभगत के संभव ही नहीं है। “यदि प्रभारी चिकित्सक की अनुमति और हस्ताक्षर के बिना एक भी पैसा नहीं निकल सकता, तो फिर 70 बार हुए ट्रांसफर को किसने अनुमति दी?”—साहू ने सवाल उठाया।
ढालेश साहू ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा थाना उतई में FIR हेतु आवेदन दिया जाना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन उसके बाद भी संबंधित अधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं, जो जांच को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने मांग की कि—
सभी जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए,
पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाए,
और पूरा मामला उच्च स्तरीय जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा जाए।
साहू ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के भ्रष्टाचारियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण मिलता रहा, तो “दुर्ग ग्रामीण में सरकारी योजनाएँ पूरी तरह लुट जाएँगी और आम जनता को उसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।”
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य समिति और नगर पंचायत की चुप्पी भी संदेह पैदा करती है। “26 लाख रुपये का गबन कोई छोटी बात नहीं है। यह जनता के पैसे की डकैती है। अगर आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल बड़े घोटाले सामने आएँगे,” साहू ने कहा।



