अम्लेश्वर पालिका में आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को पढ़ाया जाता है नियमों का पाठ,अधिकारी नही कर रहे नियम का पालन
इंजिनियर तो जाने का नाम ही नहीं ले रहा है/अध्यक्ष
अम्लेश्वर 08 दिसंबर: छत्तीसगढ़ शासन नगरी प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर से प्रदेश के नगरी निकाय में पदस्थ 93 उप अभियंताओं का स्थानांतरण सूची 18 सितंबर को जारी किया गया है। जिसमें कई जगहों के उप अभियंता अभी भी पदस्थ निकाय में जमे हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार 18 सितंबर को स्थानांतरण आदेश नगरी प्रशासन के द्वारा जारी किया गया है जिसमें नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के प्रवीण साहू का भी नाम शामिल है। नगरी प्रशासन के नियम अनुसार 15 दिवस के अंदर स्थानांतरित निकाय में पदस्थ होना सुनिश्चित किया गया है। लेकिन नगर पालिका अमलेश्वर के इंजीनियर प्रवीण साहू नवीन पदस्थ स्थान नगर पंचायत पाटन में जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। वह नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में ही अंगद की तरह पैर जमा कर बैठे हुए हैं।जबकि उसके स्थान पर पुराने इंजीनियर ढालेंद्र ठाकुर का नव पदस्थ हो गए है।इसका भी स्थांतरण हो गया था जिसे वापस लाया गया है।



एक पार्षद ने स्थानांतरण लेटर को शेयर करते हुए मीडिया को स्थानांतरित नहीं होने की जानकारी शेयर किया है। कई जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किस वजह से यहां जमे हुए हैं। समझ से परे है स्थानांतरित जगह पर जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब नगर में उठने लगी है आवाज, हो रही है चर्चा ।
लोगो का कहना है कि नगर पालिका परिषद अम्लेश्वर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियमों का हवाला देकर नगर में मूल भूत सुविधा देने से बचती हैं,रोड नाली,पानी बिजली की समस्या लेकर जाओ तो नियमों का हवाला देकर मुंह बंद कर देती है कहती हैं अवैध कालोनी में कोई सुविधा नहीं मिलेगी नगर पालिका के नियम अनुसार।लेकिन वही सीएमओ आखिर किस नियम के तहत ढाई महीने पहले स्थानांतरण हुए इंजिनियर प्रवीन साहू को रोक कर रखे हुए है।आखिर वह कौन सा काम है जिसे स्थांतरण होने के 80 दिन बाद भी पूर्ण नहीं कर पाया।
वही इंजिनियर प्रवीन साहू नगर वासियों और जनप्रतिनिधियों को नियम का हवाला देकर गुमराह किया जाता है। लोग मूल भूत सुविधाओ के लिए पालिका के आस पास भटकते हुए नजर आते हैं। जनप्रतिनिधियों का फोन तक नही उठाते पालिका के अधिकारी कर्मचारी।इन लोगो के ताना शाही रवैया से जनता जनप्रतिनिधि हलाकान हैं।उक्त विषय में सत्ता पक्ष के पार्षदों में भी नाराजगी देखी गई है। नगर पालिका अध्यक्ष दयानंद सोनकर का दो टूक इंजिनियर प्रवीन साहू तो जाने का नाम ही नहीं ले रहा है।



