अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

आवास अधिकार कार्यकर्ता ढालेश साहू ने उठाया बजट में संशोधन का मुद्दा

दुर्ग : प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) / आवास प्लस 2.0 के अंतर्गत आवास सहायता राशि बढ़ाने एवं मनरेगा मानव-दिवसों में वृद्धि की मांग को लेकर आज ग्राम भोथली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद सदस्य एवं आवास अधिकार कार्यकर्ता ढालेश साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।

आगामी बजट 2026–27 से बड़ी उम्मीद

बैठक को संबोधित करते हुए ढालेश साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट, सीमेंट, सरिया, रेत एवं मजदूरी की लागत में निरंतर वृद्धि के कारण वर्तमान में प्रदत्त ₹1.20 लाख की सहायता राशि से सम्मानजनक, टिकाऊ एवं सुरक्षित पक्का मकान का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ शासन को आगामी बजट सत्र 2026–27 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत सहायता राशि को बढ़ाकर शहरी आवास के तर्ज पर 2.50 लाख प्रति आवास करने हेतु राज्यांश के रूप में स्पष्ट बजटीय प्रावधान करना चाहिए।

मनरेगा मानव-दिवस बढ़ाने की मांग

उन्होंने कहा कि ग्रामीण आवास निर्माण से जुड़े हितग्राहियों को आर्थिक संबल देने तथा निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा के अंतर्गत मिलने वाले 90/95 मानव-दिवसों को “विकसित भारत – जी राम जी” के लक्ष्य के अनुरूप बढ़ाकर 125 मानव-दिवस किया जाना आवश्यक है। इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार के साथ-साथ आवास निर्माण में वास्तविक सहयोग मिलेगा।

मंत्री विजय शर्मा से होगी मुलाकात

ढालेश साहू ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर जल्द ही छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामीण एवं पंचायत विकास मंत्री श्री विजय शर्मा जी से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान ग्राम भोथली सहित क्षेत्र के आवास पात्र हितग्राहियों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित ज्ञापन औपचारिक रूप से शासन को सौंपा जाएगा।

सैकड़ों आवास हितग्राही रहे उपस्थित

बैठक में सोन बाई, खेमीन साहू, दुर्पत निर्मलकर, सुनीता निषाद, इंदु साहू, गीता देवी, सेवती साहू, सुशिला सेन सहित सैकड़ों की संख्या में आवास पात्र हितग्राही उपस्थित थे। उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान सहायता राशि में पक्का घर बनाना अत्यंत कठिन हो गया है।

संघर्ष जारी रखने का सर्वसम्मत निर्णय*

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर शासन स्तर पर निरंतर संवाद, एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मांग को पुरा करने ज्ञापन दिया जाएगा। बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिलाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता बैठक में मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!