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भाजपा सरकार में शिक्षा सेवा नही बल्कि वसूली का गढ़ बना – राकेश ठाकुर, 10वीं–12वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क बढ़ाकर छात्रों के परिवार पर अतिरिक्त बोझ

दुर्ग। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी भाजपा सरकार और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की छात्र-विरोधी सोच का जीवंत प्रमाण है। पांच साल बाद एक साथ परीक्षा शुल्क, आवेदन शुल्क, स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन एवं अनुमति शुल्क सहित करीब 22 मदों में बढ़ोतरी कर भाजपा सरकार ने शिक्षा को सेवा नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग को वसूली का गढ़ बना रहा है।

जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि पहले जहां बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रायोगिक शुल्क मिलाकर 460 रुपये लिए जाते थे, अब उसे बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है। आवेदन शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब प्रदेश का किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है।

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राकेश ठाकुर ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मंत्री जी को छात्रों और अभिभावकों की तकलीफ नजर नहीं आ रही है या फिर वे जानबूझकर शिक्षा को अमीरों तक सीमित करना चाहते हैं। स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन शुल्क को 560 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये और राज्य से बाहर के छात्रों के लिए 1540 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करना यह साबित करता है कि शिक्षा मंत्री पूरी तरह असंवेदनशील हो चुके हैं।

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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मंचों से “बेटा-बेटी पढ़ाओ” और “नई शिक्षा नीति” का ढोल पीटती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि परीक्षा शुल्क बढ़ाकर हजारों गरीब छात्रों को पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह फैसला सीधे-सीधे ग्रामीण अंचल, किसान परिवारों और मजदूर वर्ग के बच्चों के सपनों पर हमला है।

राकेश ठाकुर ने मांग किया कि माशिमं द्वारा बढ़ाए गए सभी शुल्क तत्काल वापस लिए जाएं और 2021 से पहले की दरों को ही लागू रखा जाए जिससे किसी भी विद्यार्थियों के परिवार पर अतिरिक्त बोझ न पड़े ।

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