महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विष्वविद्यालय, दुर्ग एवं महाराणा प्रताप उद्यानिकी विष्वविद्यालय, करनाल के मध्य एमओयू हस्ताक्षर

दुर्ग। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विष्वविद्यालय, दुर्ग एवं महाराणा प्रताप उद्यानिकी विष्वविद्यालय, करनाल (हरियाणा) के मध्य दिनांक 23.02.2026 को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग हेतु एमओयू (डवन्) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम पंडित किशोरी लाल शुक्ल उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, राजनांदगांव में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप उद्यानिकी विष्वविद्यालय, करनाल के कुलपति डॉ. एस. के. मल्होत्रा तथा महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विष्वविद्यालय, दुर्ग के कुलपति प्रो. आर.आर. सक्सेना की गरिमामयी उपस्थिति रही। विष्वविद्यालय की ओर से प्रत्यक्षदर्शी के रूप में निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जितेंद्र सिंह एवं अधिष्ठाता डॉ. यू.बी. देशमुख ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू से होने वाले प्रमुख लाभ
इस एमओयू के माध्यम से दोनों विष्वविद्यालयों के मध्य निम्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा-
शैक्षणिक सुदृढ़ीकरणः स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध विद्यार्थियों के लिए संयुक्त पाठ्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।



संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएंः उद्यानिकी एवं वानिकी क्षेत्र में नवीन तकनीकों, उच्च उत्पादक किस्मों, जलवायु परिवर्तन अनुकूल प्रौद्योगिकियों एवं मूल्य संवर्धन पर संयुक्त शोध कार्य किए जाएंगे।
विस्तार गतिविधियों का सशक्तिकरणः किसानों के लिए प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं तकनीकी मार्गदर्शन कार्यक्रमों का आयोजन कर क्षेत्रीय कृषि विकास को गति दी जाएगी।
प्रौद्योगिकी हस्तांतरणः विकसित तकनीकों एवं नवाचारों का परस्पर आदान-प्रदान कर लाभार्थियों तक त्वरित पहुँच सुनिश्चित की जाएगी।
यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य ज्ञान, संसाधन एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम सिद्ध होगा तथा उद्यानिकी एवं वानिकी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की नई संभावनाएँ खोलेगा।
कार्यक्रम के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया तथा छात्र-छात्राओं की परियोजनाओं एवं नवाचारों से रूबरू हुए। निदेशक शिक्षण डॉ. एम. एस. पैकरा, डॉ. राजेश्वरी साहू एवं डॉ. एस. एस. ध्रुव भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
डॉ. एस.के. मल्होत्रा ने महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए सभी कार्यों एवं छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का संस्थागत सहयोग भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रभावी अनुसंधान एवं किसानों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह एमओयू दोनों विष्वविद्यालयों के मध्य दीर्घकालीन शैक्षणिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जनसंपर्क अधिकारी
मं.गां.उ.वा.वि., दुर्ग (छ.ग.)



