पाहंदा (अ) पंचायत में निर्माण कार्यों पर सवाल, पूर्व आवेदन पर कार्रवाई नहीं—अब RTI के तहत मांगी जानकारी

पाटन। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाहंदा (अ) में वर्ष 2024-25 से जनवरी 2026 तक कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों एवं मदों में अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है।


गौरतलब है कि इस संबंध में कुलेश्वर निर्मलकर द्वारा दिनांक 23 मार्च 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन को लिखित आवेदन देकर निर्माण कार्यों, स्वीकृत राशि एवं भुगतान प्रक्रिया व सरपंच पति व परिवार को की गई भुगतान की जांच की मांग की गई थी। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि कुछ कार्यों में बिना स्वीकृति, बिना मूल्यांकन एवं बिना प्रस्ताव के ही दो दो बार भुगतान किया गया है, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
हालांकि, उक्त लिखित आवेदन पर अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। न तो जांच की स्थिति स्पष्ट की गई है और न ही संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कोई कदम सामने आया है।
इसी परिप्रेक्ष्य में अब आवेदक सुरेंद्र साहू द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन प्रस्तुत कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। RTI आवेदन के माध्यम से जांच अधिकारी की नियुक्ति, अब तक की प्रगति, निष्कर्ष, एवं प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
साथ ही यह भी पूछा गया है कि संबंधित तत्कालीन सचिव एवं सरपंच से स्पष्टीकरण लिया गया है या नहीं। यदि जांच पूर्ण हो चुकी है तो उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने तथा जांच लंबित होने की स्थिति में वर्तमान स्थिति (स्टेटस रिपोर्ट) देने की मांग की गई है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं आम नागरिकों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पूर्व में दिए गए आवेदन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
प्रकरण में जनसूचना अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन से नियमानुसार शीघ्र जानकारी उपलब्ध कराने एवं मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।








