अमलेश्वर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, बड़े अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की मांग

अमलेश्वर, पाटन। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर क्षेत्र में हाल ही में हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अब नगर में बड़े अवैध कब्जों पर भी समान रूप से कार्रवाई किए जाने की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कुछ छोटे दुकानदारों एवं सीमित अतिक्रमणों पर कार्रवाई की गई, लेकिन प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जों पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय सूत्रों एवं नागरिकों से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक शाला अमलेश्वर से प्रगति विहार कॉलोनी तक, शीतला विहार, खुडमूड़ा तथा पाहंदा रोड सहित कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर कथित अतिक्रमण होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है, जिससे लोगों में सवाल उठ रहे हैं।
नगरवासियों का कहना है कि अम्लेश्वर मेन रोड से ग्वाल बाबा मंदिर मार्ग तक कुछ स्थानों पर सरकारी भूमि पर कार्यालय, गेट एवं अन्य स्थायी निर्माण किए जाने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। लोगों का आरोप है कि इन मामलों में भी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
सोमवार को हुई कार्रवाई के दौरान पेट्रोल पंप के सामने कथित अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया गया, जहां चेकर टाइल्स हटाई गईं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के अन्य कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों के बीच विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ स्थानीय स्तर पर कार्रवाई को लेकर लेनदेन की अपुष्ट चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह विषय सक्षम जांच एजेंसियों द्वारा जांच का विषय है।
नगर के वरिष्ठ नागरिकों का मानना है कि यदि छोटे और बड़े सभी प्रकार के अवैध कब्जों पर बिना किसी भेदभाव के समान कार्रवाई की जाए तो नगर पालिका क्षेत्र में सार्वजनिक उपयोग, सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग तथा व्यावसायिक परिसरों के विकास के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो सकती है। साथ ही पालिका क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमणों की भी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
नगरवासियों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई की जाती है तो प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्पष्टीकरण: इस समाचार का उद्देश्य केवल जनहित के मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। किसी अधिकारी, जनप्रतिनिधि या व्यक्ति की छवि धूमिल करना इसका उद्देश्य नहीं है।







