मॉडल ग्राम पतोरा में शौचालय का हाल-बेहाल, न बिजली न पानी, गंदगी के बीच संचालन, जिम्मेदार मौन

पाटन। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत आने वाली मॉडल ग्राम पंचायत पतोरा में स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी हकीकत सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब किनारे निर्मित सार्वजनिक शौचालय में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी की सुविधा उपलब्ध है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद शौचालय का संचालन किया जा रहा है, जिसके चलते वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग शौच के बाद तालाब के पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे जहां स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं तालाब के पानी के दूषित होने की आशंका भी बनी हुई है। मॉडल ग्राम पंचायत होने के बावजूद स्वच्छता की यह स्थिति जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पाटन क्षेत्र की अन्य ग्राम पंचायतों में भी सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहतर नहीं है। ग्राम पंचायत पाहंदा (अ) में ग्राम के हृदय स्थल पर स्थित शौचालय क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों में अब इस लापरवाही को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पतोरा सहित पाटन जनपद क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालयों का भौतिक निरीक्षण कर उनकी स्थिति की जांच की जाए तथा जहां बिजली, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं है, वहां तत्काल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही क्षतिग्रस्त शौचालयों की मरम्मत कर नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



