अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

रेलवे फाटक बंद, जर्जर सड़क और अधूरी पुलिया बनी राहगीरों की मजबूरी

कुम्हारी। रेलवे क्रॉसिंग परसदा फाटक को मेंटेनेंस कार्य के चलते बंद कर दिए जाने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फाटक बंद होने के बाद लोगों के लिए समुचित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके चलते राहगीर जर्जर सड़क और अधूरी पुलिया से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं।

बताया जा रहा है कि यह वही मार्ग है, जिसका निर्माण लोकनिर्माण विभाग के द्वारा आम लोगों की सुविधा के लिए कराया गया था। लेकिन रेलवे की जमीन आने के कारण सड़क का निर्माण आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसी मार्ग पर बनी पुलिया भी लंबे समय से अधूरी है, जिसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। ऐसे में रेलवे फाटक बंद होने के बाद यही अधूरा और जर्जर मार्ग लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

परसदा सहित आसपास के सैकड़ों कामगार और स्कूली बच्चे प्रतिदिन इस मार्ग से कुम्हारी एवं रायपुर की ओर आवागमन करते हैं। रेलवे फाटक पर जब भी मेंटेनेंस कार्य के चलते आवागमन बंद किया जाता है, तब लोगों को इसी जोखिम भरे रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। जर्जर सड़क, अधूरी पुलिया और खराब आवागमन व्यवस्था के बीच लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर फाटक तो बंद कर दिया जाता है, लेकिन फाटक बंद रहने के दौरान राहगीरों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की जिम्मेदारी पर ध्यान नहीं दिया जाता। इससे सबसे अधिक परेशानी कामगारों, विद्यार्थियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है।

यदि इस जर्जर मार्ग से आवागमन के दौरान कोई बड़ी दुर्घटना घटित होती है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? यह सवाल अब राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों ने संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से अधूरी सड़क एवं पुलिया का शीघ्र निर्माण पूरा कराने तथा रेलवे फाटक बंद किए जाने की स्थिति में सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!