खारून नदी के उफान से अमलेश्वर, जमराव, खुड़मुड़ा, भोथली और मगरघटा में बाढ़ जैसे हालात

पाटन। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते खारून नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के अमलेश्वर, जमराव, खुड़मुड़ा, भोथली और मगरघटा सहित आसपास के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
दौरे के दौरान राकेश ठाकुर ने खेतों और जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। लगातार बारिश और खारून नदी के बढ़े जलस्तर के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूब गई है। खेतों के जलमग्न होने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं कई स्थानों पर ग्रामीणों के सामने आवागमन सहित अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो गई हैं।
राकेश ठाकुर ने कहा कि बारिश और संभावित तूफान के प्रभाव को लेकर पहले से मौसम संबंधी चेतावनियां सामने आ रही थीं। आंध्रप्रदेश और ओडिशा में तूफान के प्रभाव की जानकारी के बावजूद छत्तीसगढ़ के संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पूर्व तैयारी और आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गईं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नदी किनारे और निचले इलाकों में आवश्यक सावधानियां एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जातीं, तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि किसान पहले ही खेती की बढ़ती लागत और विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में खड़ी धान की फसल का पानी में डूब जाना किसानों के लिए बड़ा आर्थिक संकट है। प्रशासन को तत्काल प्रभावित गांवों में राजस्व, कृषि एवं आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीम भेजकर फसल क्षति का सर्वे कराना चाहिए तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार शीघ्र राहत और मुआवजा उपलब्ध कराना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की कि खारून नदी और आसपास के निचले क्षेत्रों में जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, आवश्यक राहत सामग्री, आवागमन की व्यवस्था तथा फसल क्षति का तत्काल सर्वे सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और उनकी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि नदी, नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।



