बाढ़ प्रभावितों के लिए पुराना पंचायत भवन उपयुक्त, वार्डवासियों ने एसडीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, सीएमओ ने किया था विरोध
अमलेश्वर। नगर पालिका अमलेश्वर के वार्ड क्रमांक 17 भोथली स्थित पुराने ग्राम पंचायत भवन को वर्तमान में नगर पालिका सीएमओ श्रीमती प्रीति गुप्ता द्वारा आवास के रूप में उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। इसी भवन का उपयोग बाढ़ प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से विस्थापित करने के लिए किए जाने की मांग को लेकर वार्ड क्रमांक 17 एवं 13 के जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने 27 सितंबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नाम अतिरिक्त तहसीलदार मनोज रस्तोगी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि पुराने पंचायत भवन के तीन कमरों में से कम से कम दो कमरों को खाली कराया जाए, वर्तमान बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रूप से वहां ठहराया गया है। वार्डवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आश्रय की आवश्यकता था, जिसका विरोध नगर पालिका सीएमओ के द्वारा किया गया था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ पालिका प्रशासन के द्वारा प्रभावित लोगों को उक्त भवन से हटाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, एक दिन पूर्व पालिका कर्मचारियों द्वारा भवन में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों को हटाने का प्रयास किया गया, जिससे भोथली के ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। इसके बाद आज वार्ड पार्षदों एवं नगरवासियों की उपस्थिति में अतिरिक्त तहसीलदार मनोज रस्तोगी को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
वर्जन: अमलेश्वर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 17 एवं 13 के नागरिकों ने सीएमओ के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को पुराने पंचायत भवन से हटाने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पंचायत भवन के कमरों को खाली कराकर बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए उपयोग में लाया जाना चाहिए था।



