पोषित बचपन, सशक्त नारी अउ संस्कारवान पीढ़ी ले बनही समृद्ध समाज : कीर्ति नायक

पाटन। आंगन मिलन अउ सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत औंधी मं महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित 6 आंगनबाड़ी केंद्र के सामूहिक तत्वावधान मं भव्य अउ उत्साहपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन करे गीस। कार्यक्रम मं बच्चा, महिला अउ ग्रामीण माताओं-बहिनी मन के बड़ी संख्या मं सहभागिता रहिस।
कार्यक्रम ला संबोधित करत जनपद पंचायत पाटन के अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक कहिन कि पोषित बचपन, सशक्त महिला अउ संस्कारवान पीढ़ी ही समृद्ध अउ मजबूत समाज के असली पहचान आय। आंगनबाड़ी केंद्र सिरिफ पोषण अउ देखभाल के केंद्र नइ, बल्कि बच्चा मन के शुरुआती विकास, संस्कार अउ भविष्य के मजबूत नींव तैयार करे के महत्वपूर्ण माध्यम आय।
ओमन कहिन कि महिला मन के सक्रिय भागीदारी अउ बच्चा मन के सर्वांगीण विकास ले गांव अउ समाज ला नई दिशा मिल सकथे। समाज के विकास मं महिला अउ बाल विकास के भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हे।
कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चा मन के अन्नप्राशन संस्कार अउ माताओं के गोद भराई के रस्म विधिवत कराए गीस। बच्चा मन अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुति अउ खेलकूद गतिविधि मं बड़े उत्साह ले हिस्सा लीन। महिला मन बर घलो विभिन्न खेलकूद अउ सांस्कृतिक प्रतियोगिता रखे गीस, जेन ले पूरा आयोजन मं उत्साह अउ उमंग के माहौल बन गे।
प्रतियोगिता मं बढ़िया प्रदर्शन करे वाले बच्चा अउ महिला मन ला प्रशस्ति-पत्र अउ पुरस्कार देके सम्मानित करे गीस। जनप्रतिनिधि अउ अतिथि मन प्रतिभागी मन के हौसला बढ़ावत आगे घलो अपन प्रतिभा ला निखारे बर प्रेरित करिन।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाल संरक्षण बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती वर्निका शर्मा रहिन, जबकि कार्यक्रम के अध्यक्षता जनपद पंचायत पाटन के अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक करिन।
ए अवसर मं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर, महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर श्रीमती माधुरी वर्मा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती यमुनेश पांडे, सरपंच, उपसरपंच अउ पंचगण सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, हितग्राही अउ बड़ी संख्या मं ग्रामीण माताएं-बहिनी मन मौजूद रहिन।
कार्यक्रम मं पोषण, स्वास्थ्य, शुरुआती बाल विकास, मातृ स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण अउ सामाजिक जागरूकता के संदेश देय गीस। आंगन मिलन जइसने आयोजन गांव-गांव मं बच्चा अउ महिला मन ला अपन प्रतिभा दिखाए के अवसर देथे, संग मं आपसी सहभागिता, जागरूकता अउ सामाजिक जुड़ाव ला घलो मजबूत करथे।



