उत्तर पाटन में करीब 100 मवेशियों का झुंड बना चिंता का कारण, आखिर इन बेजुबानों का मालिक कौन?

पाटन। पाटन ब्लॉक के उत्तर पाटन क्षेत्र में इन दिनों मवेशियों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खुले में विचरण कर रहे इन बेजुबान मवेशियों का आखिर मालिक कौन है? झीट के किसान इन्हें अपना मवेशी मानने से इनकार कर रहे हैं, तो वहीं खुड़मुड़ी के किसानों का कहना है कि ये मवेशी उनके गांव के भी नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन मवेशियों को खुले में भटकने के लिए क्यों छोड़ दिया गया है और इनकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह करीब 8:30 बजे झीट की ओर से लगभग 100 मवेशियों के झुंड को खुड़मुड़ी की तरफ ले जाया जा रहा था। इस दौरान कुछ लोगों ने मवेशियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन झुंड नहीं रुका। इसके बाद मवेशियों के पाटन मार्ग से आगे बढ़कर किसी दूसरे गांव में पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों की फसल पर मंडरा रहा खतरा
खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि ये मवेशी किसी गांव के खेतों में पहुंच जाते हैं, तो खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पहले से ही खेती-किसानी में मेहनत कर रहे किसानों के लिए मवेशियों से फसल बचाना एक नई चुनौती बन सकता है।
जिम्मेदारी तय करे प्रशासन
लगभग 100 मवेशियों का एक साथ गांवों के बीच विचरण करना कई सवाल खड़े करता है। आखिर इन मवेशियों को कौन लेकर जा रहा था? इनके मालिक कौन हैं? क्या इन्हें व्यवस्थित तरीके से किसी गौठान या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है, या फिर इन्हें एक गांव से दूसरे गांव की ओर छोड़ दिया जा रहा है?
क्षेत्र के किसानों को आशंका है कि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो मवेशियों के कारण फसलों को नुकसान होने के साथ-साथ सड़क पर आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। अब देखना होगा कि संबंधित ग्राम पंचायतें और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा मवेशियों के मालिकों की पहचान कर किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है—जब झीट और खुड़मुड़ी दोनों गांवों के किसान इन मवेशियों को अपना नहीं बता रहे हैं, तो आखिर इन बेजुबानों का मालिक कौन है?



