अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

दुर्ग जिले में अधोसंरचना विकास अंतर्गत उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालयों का निर्माण

दुर्ग, 05 नवम्बर 2026/ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप अधोसंरचनात्मक विकास में तेजी आई है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरूण साव के कुशल मार्गदर्शन में राज्य शासन से दुर्ग जिले में उच्च शिक्षा की सुविधाओं के विस्तार के लिए महाविद्यालय भवन निर्माण के 9 कार्यों को लगभग 71.72 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस पहल से जिले के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

स्वीकृत कार्यों में से कुम्हारी और पेण्ड्रावन में नवीन शासकीय महाविद्यालय भवनों का निर्माण प्रगति पर है, जिनमें से प्रत्येक की लागत लगभग 4.66 करोड़ है। वैशाली नगर स्थित इंदिरा गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लगभग 3.87 करोड़ की लागत से स्मार्ट क्लास रूप, लाइब्रेरी और गर्ल्स कॉमन रूम का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शासकीय महाविद्यालय उतई में लगभग 1.12 करोड़ की लागत से प्रथम तल पर 8 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वहां विद्यार्थियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

निर्माणधीन कार्यों के साथ-साथ, आगामी कार्यों की दिशा में भी तेजी से प्रगति हो रही है। नगपुरा में नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन का कार्य निविदा स्तर पर है, जिसकी स्वीकृत राशि लगभग 4.66 करोड़ रूपए है। वहीं दुर्ग में नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय तथा रिसाली में शासकीय महाविद्यालय के भवन हेतु जमीन आबंटन की कार्यवाही प्रगति पर है। इन प्रत्येक भवन की स्वीकृत राशि 4.66 करोड़ रूपए है।

इस श्रृंखला की उपलब्धि के रूप में, स्वीकृत 9 महाविद्यालयों में से 2 महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके है। इनमें पाटन स्थित शासकीय चन्दूलाल चन्द्राकर पी.जी. महाविद्यालय में लगभग 38.78 करोड़ की लागत से सेंटर फॉर एक्सीलेंस, ग्रंथालय, इंडोर स्टेडियम, स्टॉफ क्वार्टर तथा अन्य निर्माण कार्य पूर्ण किये गये हैं। तीन मंजिला शैक्षणिक भवन में रसायन, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जैव औद्योगिक और सूक्ष्म जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं एवं व्याख्यान कक्ष, कक्षाएं, सेमिनार रूम, कम्प्यूटर लैब, इनोवेशन रूम, संग्रहालय कक्ष, प्राध्यापक कक्ष, प्रसाधन और प्रवेश लॉबी की सुविधा उपलब्ध है। दूसरा पूर्ण कार्य रानीतराई, विकासखण्ड पाटन में नवीन शासकीय महाविद्यालय का भवन है, जो लगभग 4.66 करोड़ रूपए की लागत से बना है। भूतल और प्रथम तल के इस भवन में कक्षाएं, भौतिकी एवं रसायन की प्रयोगशालाएं, कम्प्यूटर लैब, प्रशासनिक कक्ष, प्रवेश कक्ष और मध्य में खुला आंगन है।

सभी महाविद्यालय भवनों के निर्माण में समावेशी और पर्यावरण-अनुकल दृष्टिकोण अपनाया गया है। दिव्यांगजनों की सुगमता के लिए सभी भवनों में रैम्प का प्रावधान है, ताकि दिव्यांग विद्यार्थी, शिक्षक और आगंतुक बिना किसी कठिनाई के परिसर में आ-जा सकें और सभी को समान अवसर तथा सम्मानजनक पहुंच मिले। साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था भी की गई है, जिससे वर्षा के जल का सदुपयोग होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और परिसरों में जल की उपलब्धता बनी रहेगी।

इन निर्माण कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर के पास ही उच्च शिक्षा मिलेगी, जिससे आने-जाने का समय और खर्च बचेगा। निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!