17 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला सरपंच संघ दुर्ग ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन देने की मांग

दुर्ग, 27 जुलाई। जिला सरपंच संघ दुर्ग ने जिले के तीनों विकासखंड दुर्ग, धमधा एवं पाटन के सरपंचों की ओर से ग्राम पंचायतों की विभिन्न समस्याओं एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को कलेक्टर दुर्ग को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पंचायतों को अधिक अधिकार, विकास कार्यों में पारदर्शिता तथा ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
सरपंच संघ ने मांग की कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में पात्र हितग्राहियों के नाम ग्रामसभा के माध्यम से जोड़े जाएं तथा भूमि के अभाव में प्रथम मंजिल पर निर्माण की अनुमति दी जाए। पंचायतों को 50 लाख रुपये तक के विकास कार्य स्वयं कराने का अधिकार मिले तथा बाहरी ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त की जाए।



ज्ञापन में वर्ष 2011 के बाद जनगणना नहीं होने से पेंशन से वंचित वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांग हितग्राहियों का चयन ग्रामसभा के माध्यम से करने, 15वें एवं 16वें वित्त आयोग की राशि का समुचित वितरण, पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार तथा विकास कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप समाप्त करने की मांग भी शामिल है।
इसके अलावा गौठानों के संचालन, चरागाह भूमि को आबादी भूमि घोषित करने, जेम पोर्टल व्यवस्था में सुधार, विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्य पूर्ण होने पर ग्राम पंचायत से पूर्णता प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य करने, मनरेगा कार्यों में किसानों के हितों का ध्यान रखने, पंचायत कर्मचारियों के मानदेय, जाति-निवास प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल बनाने, डीएमएफ राशि का लाभ प्रभावित ग्राम पंचायतों को देने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें ज्ञापन में रखी गई हैं।
सरपंच संघ ने सरपंचों का मासिक मानदेय 20 हजार रुपये, उपसरपंचों का 5 हजार रुपये तथा पंचों का 2 हजार रुपये प्रतिमाह करने और पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले सरपंचों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दिए जाने की भी मांग की है।
जिला सरपंच संघ ने प्रशासन से सभी 17 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने तथा ग्रामीण विकास कार्यों में गति लाने की अपील की है।



