लक्ष्य निर्धारण, कैरियर चयन एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा ,सेजेस बेल्हारी में कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन

बेल्हारी, 07 अगस्त 2026 – स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस) बेल्हारी में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उचित कैरियर चयन एवं उनकी प्रतिभा को सही दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का गरिमामय एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता, क्षमता एवं प्रतिभा के अनुरूप भविष्य के बेहतर अवसरों से परिचित कराते हुए उन्हें अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसे प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विष्णु कुमार केडिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रसिद्ध संस्कृत भाषा शिक्षाविद् एवं पूर्व प्राचार्य प्रो. डॉ. महेश चंद्र शर्मा, विशिष्ट अतिथि, कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला विकास एवं प्रबंधन समिति बेल्हारी के अध्यक्ष मनीष चंद्राकर, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रीना चौधरी ने की तथा ईश्वर साहू, कुलेश्वर कुमार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा एवं महत्ता को और अधिक बढ़ाया।



अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं हरित संदेश
कार्यक्रम में पधारे सभी सम्माननीय अतिथियों का विद्यालय परिवार द्वारा अत्यंत आत्मीयता एवं सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रीना चौधरी जी के माध्यम से तथा शिक्षकगण एवं व्याख्यातागण द्वारा अतिथियों को भेंट स्वरूप हरे-भरे पौधे प्रदान किए गए। यह स्वागत केवल सम्मान की औपचारिकता न होकर पर्यावरण संरक्षण, हरियाली एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का सुंदर संदेश भी रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। ज्ञान एवं विद्या की देवी मां सरस्वती के चरणों में नमन करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, ज्ञान, विवेक एवं सफलता की मंगलकामना की गई।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. महेश चंद्र शर्मा जी ने अपने दीर्घ शैक्षणिक अनुभव एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए संकलित किए गए महत्वपूर्ण एवं उपयोगी समाचार-पत्रों के लेखों एवं सामग्री का संकलन विद्यार्थियों को भेंट किया। उन्होंने यह संकलन विशेष रूप से विद्यार्थियों के कैरियर मार्गदर्शन, ज्ञानवर्धन एवं भविष्य की संभावनाओं को समझने में उपयोगी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया है।
यह संकलन विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर समसामयिक विषयों, शैक्षणिक अवसरों, विभिन्न कैरियर विकल्पों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। विद्यार्थियों के हित में अपने अनुभव एवं ज्ञान को इस प्रकार साझा करना उनके शैक्षणिक समर्पण, संवेदनशीलता एवं भावी पीढ़ी के प्रति आत्मीय दायित्व-बोध का प्रेरणादायी उदाहरण रहा।
साथ ही प्रो. डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने अपनी लिखित पुस्तक मुख्य अतिथि विष्णु कुमार केडिया, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रीना चौधरी जी एवं अपने शिष्य संस्कृत भाषा के वरिष्ठ व्याख्याता वाई. के. साहू जी को स्नेहपूर्वक भेंट की। यह आत्मीय क्षण गुरु-शिष्य परंपरा, ज्ञान-संस्कार एवं साहित्य के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण बना।
मुख्य अतिथि विष्णु कुमार केडिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल शिक्षा प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी रुचि, प्रतिभा एवं क्षमता को पहचानकर सही दिशा में निरंतर आगे बढ़ना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों को स्पष्ट लक्ष्य में बदलने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य एवं दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक एवं कैरियर अवसरों का सदुपयोग करने तथा समय-प्रबंधन, अनुशासन, निरंतर अध्ययन एवं सकारात्मक सोच को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। उनका प्रेरणादायी मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए नई ऊर्जा, नई दिशा और अपने सपनों को साकार करने के आत्मविश्वास का आधार बना।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एवं शाला विकास एवं प्रबंधन समिति, बेल्हारी के अध्यक्ष श्री मनीष चंद्राकर जी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता के लिए मेहनत के साथ-साथ स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ सहभागिता की। विद्यार्थियों ने कैरियर, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं भविष्य की संभावनाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न रखे, जिनका अतिथियों एवं मार्गदर्शकों द्वारा सरल, सहज एवं व्यावहारिक ढंग से समाधान किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अपने भविष्य को लेकर नई दृष्टि विकसित करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और जीवन के लक्ष्य की ओर दृढ़ कदम बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की विशेष अतिथि एवं विद्यालय की प्रमुख प्राचार्य श्रीमती रीना चौधरी जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन अपने भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण समय है। प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर विशेष प्रतिभा एवं अपार संभावनाएँ हैं, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानकर सही दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, आत्मविश्वास, निरंतर अध्ययन एवं कठिन परिश्रम के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर पुनः प्रयास करना ही सफलता की सच्ची राह है। प्राचार्य महोदया ने विद्यार्थियों को उपलब्ध कैरियर एवं उच्च शिक्षा के अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेजेस विद्यालय बेल्हारी के हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के समस्त शिक्षकगण एवं व्याख्याता गण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुव्यवस्थित संचालन एवं आत्मीय आभार प्रदर्शन, कार्यक्रम का सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली संचालन विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्राचार्य संस्कृत भाषा के वरिष्ठ व्याख्याता योगेंद्र कुमार साहू द्वारा किया गया। उन्होंने अपने कुशल संचालन से कार्यक्रम की प्रत्येक कड़ी को सहज, गरिमापूर्ण एवं प्रभावी रूप से जोड़ते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, कार्यक्रम के अंत में किशोर कुमार जायसवाल जी व्याख्याता द्वारा आत्मीय एवं भावपूर्ण आभार प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रीना चौधरी जी के कुशल मार्गदर्शन में समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा। अंततः विद्यार्थियों ने अपने जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया, यह कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों के मन में “सपनों को लक्ष्य, लक्ष्य को संकल्प और संकल्प को सफलता” में बदलने की प्रेरणा जगाते हुए अत्यंत गरिमापूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



