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ढौर में भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से हादसों का खतरा, धूल से लोग परेशान

पाटन, सेलूद। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत सेलूद क्षेत्र में संचालित पत्थर खदानों, क्रेशर प्लांटों और उद्योगों के बीच यातायात व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम ढौर में चौक से बस्ती पहुंच मार्ग तक सड़क के आधे हिस्से में भारी मालवाहक वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। वहीं, सड़क पर उड़ती धूल से राहगीरों और आसपास के रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम ढौर के मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े ट्रेलर और अन्य भारी वाहन सड़क के आधे हिस्से में खड़े रहते हैं। इस मार्ग से भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क पर खड़े वाहन राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। सड़क का आधा हिस्सा वाहनों से घिर जाने के कारण आवागमन प्रभावित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मालवाहक वाहन चालक मनमाने तरीके से मुख्य सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर खड़े भारी वाहन किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

धूल के गुबार से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर असर

क्षेत्र में संचालित खदानों और क्रेशर प्लांटों से निकलने वाली धूल भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर उड़ती धूल के कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। धूल के गुबार के बीच सामने से आने वाले वाहन और सड़क किनारे खड़े भारी वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

वहीं, आसपास के रहवासियों को भी धूल के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खदान एवं क्रेशर संचालकों द्वारा पर्यावरण संरक्षण और धूल नियंत्रण के लिए पर्याप्त प्रभावी उपाय नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

जिम्मेदारों की चुप्पी से बढ़ रही नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों, क्रेशर प्लांटों और उद्योगों के संचालन से क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन यातायात व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को लेकर आवश्यक इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। मुख्य मार्ग पर अव्यवस्थित पार्किंग और धूल की समस्या से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं? ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग पर रोक लगाने, सड़क को सुरक्षित रखने तथा खदान एवं क्रेशर संचालकों द्वारा धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित कराने की मांग की है।

क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि आम लोगों को सुरक्षित आवागमन और स्वच्छ वातावरण मिल सके।

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