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नगर पालिका होने के बाद भी ग्राम पंचायत जैसा,अमलेश्वर में नहीं है कोई भी मूलभूत सुविधा

अमलेश्वर : दुर्ग जिला अंतर्गत नगर पालिका परिषद अमलेश्वर जो की राजधानी रायपुर से लगा हुआ है। जहां विकास के नाम से एक भी ईट नहीं रखी गई है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अमलेश्वर की जनता जीवन यापन कर रही है। व्यापारिक दृष्टिकोण से नगर बहुत ज्यादा विकास की ओर अग्रसर है बड़े-बड़े कॉलोनी नगर में बनाई गई है कई कॉलोनी अवैध है तो कई वैध है। राजधानी से लगे होने के कारण बड़े-बड़े बिल्डर जबरदस्त एक रोड मैप तैयार कर नगर को एक नई पहचान देने के लिए अग्रसर है।

नगर पालिका अमलेश्वर का गठन 21 जनवरी 2022 को अधिसूचना जारी कर किया गया। पहले नगर पंचायत का गठन फिर 3 माह बाद सीधा पालिका गठन राज्य शासन ने कर दिया।जिसमें अमलेश्वर डीह सहित मगरघटा, भोथली , खुडमुड़ा ग्राम को शामिल किया गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासनकाल में गठित नगर पालिका अमलेश्वर में संचालन समिति का गठन किया गया 16 जनवरी 2023 को संचालन समिति का शपथ ग्रहण समारोह कर पालिका को विकास की ओर एक नई दिशा देने की कोशिश की गई। शपथ ग्रहण समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आगमन हुआ और लगभग 20 वर्ष कि आगामी कार्य योजना को लेकर के करोड रुपए के विकास कार्य की घोषणा भी की गई। लेकिन जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस के सरकार गई सत्ता परिवर्तन हुआ फिर नगर पालिका अमलेश्वर का विकास एक ठंडा बस्ता में जाकर जमा हो गया जो आज तक नहीं खुला।

आपको बता दें सत्ता परिवर्तन के बाद संचालन समिति को भंग को कर दिया गया। मार्च 2024 में प्रशासक के रूप में एसडीएम पाटन ने अमलेश्वर नगर का बागडोर संभाला फिर नगर पालिका अमलेश्वर का विकास प्रशासन के हाथों में चला गया। उसके बाद भी नगर पालिका अमलेश्वर की जनता को कहीं कुछ विकास कार्य नहीं दिखा। अंततः 2025 में नगर पालिका परिषद का प्रथम बार चुनाव हुआ प्रथम बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने वादे किए और आज भाजपा की सरकार नगर पालिका में बन गई बनने के बाद दो बार सामान्य सभा की बैठक हो गई लेकिन एक भी विकास कार्य ट्रिपल इंजन की सरकार में नगर पालिका परिषद अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नहीं हुआ। ग्राम पंचायत से बत्तर स्थिति नगर पालिका की हो गई है।

नगर पालिका के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि नगर पालिका मुख्य कार्य पालन अधिकारी के नाम सिर्फ और सिर्फ आवेदन प्रतिवेदन सौंपते हैं रोड नाली की सहित मूल भूत सुविधाओं के लिए लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन कहीं पर भी किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नगर वासियों को नहीं मिल पा रही है। पिछले वर्ष के आंकड़े के हिसाब से कई कॉलोनी नगर में अवैध बताई जा रही है। जिस पर भी कोई कार्यवाही नगर पालिका प्रशासन के द्वारा नहीं किया। नगर पालिका में विकास को लेकर के सत्ता पक्ष के पार्षद और विपक्ष के पार्षद एक साथ तो खड़े हुए नजर आते हैं। लेकिन विकास की ओर कोई सकारात्मक पहल नजर नहीं आ रही है।

नगर पालिका अमलेश्वर में एक सर्व सुविधा योग्यता पालिका भवन की भी आवश्यकता देखी जा रही है,ना ही एक सर्व सुविधा युक्त अस्पताल है नहीं सर्व सुविधा युक्त सुलभ शौचालय है ना ही सर्वसुदा युक्त एक मांगलिक भवन है। और नहीं आज तक किसी तालाब का सौंदर्य करण किया गया। मतलब किसी भी प्रकार की कोई भी सुविधा नगर वासियों के लिए पालिका नगर में नहीं है।

पालिका के जनप्रतिनिधि लगातार विभागीय मंत्री से और सांसद से मिल रहे हैं। जिससे नगर के विकास को गति दिया जा सके। नगर पालिका के द्वारा भी विभाग को नगर के विकास के लिए प्रतिवेदन दिया जा है।

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