जिला पंचायत सभापति श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर ने समस्त क्षेत्रवासियों को दी कमरछठ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
संतान की दीर्घायु के लिए माताएं आज रखी है कमरछठ की व्रत

अमलेश्वर 14 अगस्त : जिला पंचायत सभापति श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर ने समस्त क्षेत्रवासियों को हल षष्ठी कमरछठ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित किया है। मान्यता है कि हल षष्ठी का व्रत भगवान बलराम के जन्मदिन के उपलक्ष में किया जाता है, जो हल धारण करने वाले भगवान हैं और उनका जन्म षष्ठी के दिन हुआ था। पुत्रवती और पुत्र की इच्छा रखने वाली माताएं इस व्रत को रखती हैं और भगवान बलराम से आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
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लोक मान्यता है भगवान राम का बनवास दंडकारण्य में बीता था। यहीं माता सीता ने पुत्र जैसे देवर लक्ष्मण के दीर्घायु की कामना के साथ भोलेनाथ का व्रत किया था। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद जंगली धान अर्थात देवधान से तैयार प्रसाद ग्रहण किया था। मान्यता है कि देवधान की दुर्लभता के कारण ही कमरछठ व्रत रखने वाली माताएं तालाब-डबरियों में उपजने वाले दूसरे जंगली धान को अपनाया। जो पसहर चाउर के नाम से चर्चित है।






