श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी भूमिका ने राम जन्म, कृष्ण जन्म और गंगा अवतरण का दिव्य प्रसंग सुनाया

राजिम: ग्राम सिंगारभाठा में राजिम भक्तिन माता समिति के संगठन मंत्री एवं तहसील साहू संघ के मीडिया प्रभारी तुकेश साहू के परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन निरंतर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हो रहा है। पांचवे दिन की कथा वाचिका बालविदुषी देवी भूमिका ने श्रोताओं को राम जन्म, कृष्ण जन्म और गंगा अवतरण जैसे दिव्य प्रसंगों का रसपान कराया।
कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार अयोध्या नरेश दशरथ की कठोर तपस्या और यज्ञ के फलस्वरूप भगवान विष्णु ने राम स्वरूप में अवतार लेकर अधर्म पर धर्म की विजय का संकल्प लिया। इस प्रसंग ने श्रोताओं को मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श जीवन का स्मरण कराया।



इसके पश्चात उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की अद्भुत कथा सुनाते हुए कहा कि कारागृह की बेड़ियों में माता देवकी और वसुदेव के घर में स्वयं भगवान ने जन्म लिया। कंस के अत्याचारों को नष्ट करने और धर्म की स्थापना के लिए भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ। वसुदेव द्वारा शिशु कृष्ण को यमुना पार कर नंदगांव पहुँचाने की कथा का सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो गए।
इसी क्रम में गंगा अवतरण का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने राजा भगीरथ की तपस्या का वर्णन किया। उनके कठोर तप के फलस्वरूप गंगा जी स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं। भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर उनके वेग को नियंत्रित किया और इस प्रकार गंगा अवतरण संभव हो पाया। इस प्रसंग ने श्रोताओं को तपस्या, भक्ति और लोक कल्याण के महत्व का बोध कराया।
कथा स्थल पर ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और भक्तिमय वातावरण में कथा श्रवण का आनंद लिया। इस अवसर पर रामखुमान साहू, समुंद बाई, पार्वती साहू, रामकुमार, सुशीला, तुलाराम, तिजिया, ईश्वरी, मीना, रामबाई, लोमन, रमा, तिहारु, रेखा, तुकेश, पदमनी, दीपक, गायत्री, शैलेंद्र, जागेश्वरी, सुरेखा, निक्की, टिकेश्वरी, प्रवीण, सुनीता, ओंकार, तामेश्वरी, खिलेश, सागर, तनुजा, योगेश, हेमेन्द्र, आशीष, वंश, शैलेन्द्र, प्रदीप, दिव्या, भूमिका, डॉली, निकिता, स्नेहा, समर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



