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शहीद एएसपी आकाश गिरेपूंजे की पत्नी को डीएसपी पद, कैबिनेट बैठक में मंजूरी

रायपुर/ माओवादी विरोधी अभियान में शहादत देने वाले एएसपी आकाश राव गिरेपूंजे की पत्नी को राज्य सरकार ने डीएसपी पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

पहली कैबिनेट बैठक का बड़ा फैसला
मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद हुई इस बैठक में गिरेपूंजे की शहादत को विशेष मामला मानते हुए उनकी पत्नी स्नेहा गिरेपूंजे को राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) बनाया जाएगा। यह निर्णय पुलिस बल के मनोबल और शहादत के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

अभियान के दौरान हुए शहीद
9 जून 2025 को सुकमा जिले में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान एएसपी आकाश गिरेपूंजे बम विस्फोट की चपेट में आ गए थे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वे उस समय गश्त पर निकले थे, जब नक्सलियों ने बंद का ऐलान किया था।

सेवा और उपलब्धियां
2013 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी गिरेपूंजे ने रायपुर, महासमुंद और दुर्ग जिले में एएसपी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। वर्ष 2019-20 में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था। कर्तव्यनिष्ठ और जांबाज अधिकारी के रूप में वे हमेशा याद किए जाएंगे।

साथी जवानों में शोक
गिरेपूंजे की शहादत की खबर सुनकर साथी जवान भावुक होकर रो पड़े थे। उनकी ईमानदारी और साहस को लेकर पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि आमजन भी गर्व महसूस करते थे।

मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहादत के समय कहा था कि गिरेपूंजे का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मंगलवार को लिया गया यह निर्णय उस वचन का प्रतीक माना जा रहा है।

क्यों है यह फैसला खास?
शहादत देने वाले अधिकारी के परिवार को मिला बड़ा सम्मान
पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने वाला कदम
नक्सल विरोधी अभियान में दिए बलिदान को सरकार का नमन
युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण

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