बिहार चुनाव में भूपेश बघेल की एंट्री, कांग्रेस हाईकमान ने सौंपी अहम जिम्मेदारी
रायपुर/ बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ी भूमिका दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उन्हें सीनियर ऑब्जर्वर (वरिष्ठ पर्यवेक्षक) नियुक्त किया है।
बघेल को मिला चुनावी मैदान में बड़ा दायित्व
कांग्रेस आलाकमान ने बिहार में चुनावी समीकरणों को मजबूत करने के लिए अनुभवी नेताओं की तैनाती शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भूपेश बघेल को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी संगठन को उम्मीद है कि उनके अनुभव और रणनीतिक समझ से बिहार में कांग्रेस को मजबूत आधार मिलेगा।



छत्तीसगढ़ मॉडल से मिलेगी मदद
भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सत्ता में शानदार वापसी की थी। उनके नेतृत्व शैली और जमीनी जुड़ाव की मिसाल को देखते हुए अब पार्टी चाहती है कि बिहार में भी वही संगठनात्मक मजबूती दिखाई दे।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि बिहार में उनकी भूमिका कांग्रेस की रणनीति को नई दिशा दे सकती है।
कांग्रेस ने शुरू की चुनावी तैयारी
AICC की ओर से बिहार चुनाव के लिए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्जर्वर बनाए जाने के बाद अब वे जल्द ही बिहार का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर रणनीति तैयार करेंगे और उम्मीदवार चयन से लेकर प्रचार अभियान तक सक्रिय रहेंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह
छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस जिम्मेदारी को लेकर खुशी जताई है। उनका कहना है कि यह छत्तीसगढ़ नेतृत्व पर कांग्रेस हाईकमान के भरोसे को दर्शाता है। वहीं बिहार कांग्रेस भी उम्मीद कर रही है कि बघेल की सक्रियता से चुनावी अभियान को मजबूती मिलेगी।
भूपेश बघेल की यह नई जिम्मेदारी कांग्रेस की चुनावी रणनीति में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि बिहार की राजनीति में उनके अनुभव का कितना असर दिखाई देता है।



