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ए आई बिजली की तरह ही उपयोगी है, लेकिन गलत इस्तेमाल करें तो झटका भी दे सकती है- डॉ. व्यास

कुम्हारी। विचक्षण जैन विद्यापीठ ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से “विज़न 360°” लीडरशिप लेक्चर सीरीज का शुभारंभ किया। इस पहल का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखकर, उन्हें वैश्विक वैज्ञानिक, तकनीकी, सामाजिक और बौ‌द्धिक परिवर्तनों से जोड़ना भी है।

उ‌द्घाटन सत्र में आईआईआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. ओ. पी. व्यास मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. व्यास कृत्रिम बु‌द्धिमत्ता (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) के प्रख्यात विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने आईआईटी खड़गपुर से एम.टेक और जर्मन विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने पाँच देशों में विशेषज्ञों के साथ कार्य किया है और हाल ही में कुंभ के मेले में तकनीकी सहयोग प्रदान किया था। विद्यालय में उनका व्याख्यान “वर्ल्ड ऑफ़ ए.ई. व्हेयर इमेजिनेशन मीट्स इंटेलिजेंस” विषय पर आधारित था।

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अपने संबोधन में डॉ. व्यास ने कहा की “ए.आई. बिजली की तरह है जो कि बहुत उपयोगी है, लेकिन गलत इस्तेमाल करें तो झटका भी दे सकती है।”

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उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ नैतिकता और जिम्मेदारी का विकास भी अनिवार्य है। डॉ. व्यास ने आगे कहा कि नैतिकता और मूल्यों की जड़ें बचपन में ही मजबूत करनी चाहिए, क्योंकि कॉलेज तक पहुँचने पर मनोवृत्ति में परिवर्तन कठिन हो जाता है। उन्होंने वि‌द्यार्थियों और शिक्षकों से आग्रह किया कि नैतिकता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर तकनीक को मानवता की भलाई के लिए उपयोग करना चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के सचिव राजेश जैन के प्रेरक उ‌द्बोधन से हुई। अध्यक्ष राजेश सावनसुखा ने वि‌द्यालय के दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला, जबकि प्राचार्य ए. पी. सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत कर विद्यार्थियों को इस अवसर से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. व्यास को विद्यालय परिवार की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

“विज़न 360°” श्रृंखला विचक्षण जैन वि‌द्यापीठ की एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी पहल है, जो विद्यार्थियों को सृजनशीलता, नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ उज्ज्वल भविष्य की दिशा की ओर अग्रसर करती है।

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