राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर बर्ड वॉक का हुआ आयोजन….पानी मे तैरते घोसले देखकर रोमांचित हुए युवा
पाटन।प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी सलीम अली की जन्म जयंती के अवसर पर चीचा वेटलैंड में बर्ड वॉक का आयोजन किया गया।आयोजन में पक्षी प्रेमी फोटोग्राफर शोधार्थी और प्रकृति प्रेमी युवा शामिल हुए।

विदित है कि 12 नवंबर 1896 को जन्में डॉ. अली एक भारतीय पक्षी विज्ञानी, वन्यजीव संरक्षणवादी और प्रकृतिवादी थे। वे देश के पहले ऐसे पक्षी वैज्ञानिक थे, जिन्होंने सम्पूर्ण भारत में व्यवस्थित रूप से पक्षियों का सर्वेक्षण किया और पक्षियों पर ढेर सारे लेख और किताबें लिखीं।
पाटन में पक्षी संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने और पक्षी प्रेमियों को शिक्षित करने के लिए
वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर राजू वर्मा के नेतृत्व में सुबह चीचा वेटलैण्ड में बर्ड वॉक के आयोजन किया गया।
उन्होंने विभिन्न पक्षी के प्रजातियों की पहचान, उनके आवास, प्रवास और संरक्षण के महत्व के बारे में बताया साथ ही जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता और पक्षियों की पारिस्थितिकी में भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। बर्ड वॉक में लगभग 40 प्रजाति के पक्षियों की मूवमेंट दर्ज की गई।इस दौरान कुछ प्रवासी पक्षी जैसे गढ़वाल गार्गने वुड सेंड पाइपर, कॉमन सेंड पाइपर,देखे गए।
पानी मे तैरते घोसले देख रोमांचित हुए युवा…
चीचा तालाब के आसपास ओपन बिल स्टोर्क ,ब्लैक हेडेड आइबिस,करमोरेंट,हैरान आदि के घोसलों के बारे में बताया गया।बया विवर के लटकते हुए घोसले और ग्रे हेडेड स्वम्फर्न के पानी मे तैरते घोसला देख रोमांचित हो उठे ये पक्षी
पानी के पास घनी वनस्पतियों में पौधों की सामग्री का उपयोग करके एक गोलाकार, प्याले के आकार का घोंसला बनाते हैं जो पानी मे तैरता रहता है।
बर्ड वॉक में भागवत टावरी,एस बाला शेखर,सनी ध्रुव आशा मनहर नोहर देवांगन ओमप्रकाश अंकिता केरकेट्टा शिवम सिंग गीतांजली कोमल सौरभ भावेश रही अन्य पक्षी प्रेमी शामिल हुए।








