लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन के सुस्त रवैया से परेशान कॉलोनी वासियों ने, खुद लगवाए रोड पर स्टॉपर, इसी जगह फॉर्च्यूनर गाड़ी ने रौंदा दो बच्चे को,एक के हो गई है मौत
दुर्ग जिला अंतर्गत नगर पालिका परिषद अमलेश्वर क्षेत्र में हर्षित न्यू सिटी के पास एक फॉर्च्यूनर गाड़ी ने साइकिल सवार दो बच्चों को 29 नवंबर को रौंद डाला जिससे बच्चे गेंद की तरह उछल कर दूर जाकर गिरा। जिसे एक बच्चे की मौत हो गई दूसरे बच्चे की हालात चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय पुलिस ने घटना की विवेचना कर कार्यवाही कर रही। लेकिन घबराए कालोनी वासियों ने सोसायटी के खर्चे से रोड पर स्टॉपर लगवाना चालू कर दिया है। कॉलोनी वासियों ने प्रशासन से उम्मीद रखी थी कि वह घटना के तुरंत बाद में रोड पर स्टॉपर लगाकर नगर वासियों को सुरक्षा प्रदान करेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। घटना 29 दिसंबर की है लेकिन आज तक लोकनिर्माण विभाग ने सुध नहीं ली और ब्रेकर नहीं लगाया नहीं बनवाया। और नही कही पर सांकेतिक बोर्ड लगाया गया है। जिससे न्यू हर्षित सिटी के कॉलोनी वासियों ने नाराजगी जताई और सोसायटी के खर्चे से स्टॉपर लगवाया।
कॉलोनी वासियों ने स्थानीय प्रशासन के ऊपर भी नाराजगी जताई उन लोगों ने कहा कि नगर पालिका परिषद के जनप्रतिनिधि इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं साथ ही पालिका प्रशासन के अधिकारी भी नगर वासियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही। आज यदि सुरक्षा के लिए सड़कों पर ब्रेकरों की मांग कर लगवाया रहता या बनवाया रहता तो इतनी बड़ी दुर्घटना शायद नहीं घटती जो भी दुर्घटना घटी है वह बहुत ही दुखदाई है मृतक बच्चे के परिवार को ईश्वर दुख सहने की शक्ति दे साथ ही शासन प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को सद्बुद्धि दे जिससे लोगों को नगर में सुविधा मिल सके और सुरक्षित जीवन जी सके नगर में लगातार घटनाएं घट रही थी लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से किसी ने भी संज्ञान में नहीं लिया और आज बड़ी दुर्घटना घट गई।



आपको बता दें नगर में और कई जगह मिडिल कट,पासिंग है वहां पर भी स्टॉपर और ब्रेकर बनवाने की जरूरत है जिस पर स्थानीय प्रशासन को तुरंत संज्ञान में लेकर के उचित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आने वाले समय में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
मौके पर सुनील वर्मा, वैभव शास्त्री,प्रकाश कश्यप मौजुद रहे।



