शिवोम् शिवांजलि में देशभर के कलाकारों ने दिखाई भारतीय संस्कृति, पर्व और रीति रिवाज

अम्लेश्वर : शिवोम् विद्यापीठ संस्था द्वारा आयोजित दो दिवसीय भव्य नृत्य, गायन एवं कला महोत्सव ‘शिवोम् शिवांजलि’ का शुभारंभ 23 दिसंबर को अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। 23 और 24 दिसंबर तक चलने वाले इस सांस्कृतिक उत्सव में भारत के विभिन्न प्रांतों से पधारे कलाकार अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय कला एवं संस्कृति की अनुपम छवि प्रस्तुत कर रहे हैं।
महोत्सव का उद्घाटन शिवोम् विद्यापीठ के चेयरमैन श्री अवधेश शर्मा जी एवं डॉ. नीलिमा शर्मा जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और कला के प्रति संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



‘शिवोम् शिवांजलि’ मंच पर भारत के शास्त्रीय नृत्य रूपों का मनोहारी संगम देखने को मिला, जहाँ परंपरा,भक्ति और नृत्यकला का ऐसा सजीव चित्रण हुआ जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में प्रस्तुत “त्रिशक्ति” की अवधारणा के अंतर्गत शक्ति, साधना और सौंदर्य का अविस्मरणीय उत्सव रचा गया। साथ ही, गायन एवं चित्रकला के कलाकारों को अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल डॉ. राखी राय एवं श्री अरुण गायकवाड़ के समक्ष अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें दर्शकों से भरपूर सराहना प्राप्त हुई। शिवोम् विद्यापीठ संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री प्रणव शर्मा जी ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि शिवोम् शिवांजलि कलाकारों के लिए आत्म-अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक संवाद का सशक्त माध्यम है।
यह संपूर्ण आयोजन असिस्टेंट डायरेक्टर श्री अशरफ अली एवं प्रिंसिपल श्रीमती जया बंदेलू जी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है, जो शिवोम् विद्यापीठ की कला, संस्कृति एवं मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



