मित्रता में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता -परमानंद जी महराज़

मनोज साहू / पाटन विधानसभा के ग्राम मटंग में तेनसिंग निर्मलकर परिवार द्वारा श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है! जहां परमानंद महराज ने आज कथा के समापन दिवस में कृष्णा, सुदामा चरित्र का वर्णन सुंदर झांकी के माध्यम से चित्रण किया गया।
इस अवसर पर तहसील साहू संघ पाटन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष लालेश्वर साहू ने कथा स्थल पहुंचकर भागवत कथा का रसपान किया गया।



कथा वाचक पुरोहित श्री परमानंद जी पंचकोशी धाम नव चेतना केन्द्र फिगेश्वर( राजिम) ने कथा को बताते हुए कहा की कृष्णा सुदामा सच्चे मित्रता का मिसाल है! मित्रता में कोई बड़ा या छोटा नहीं होता! जैसे भगवान कृष्ण द्वारिकाधीश होने के बावजूद भी गरीब सुदामा से मित्रता किया! ज़ब द्वारपालों ने गरीब सुदामा को फ़टे पुराने वस्त्र में राजमहल में प्रवेश करने नहीं दिया, तब भगवान कृष्ण ने सुना तो भागते-भागते सुदमा को गले लगाकर महल में लाया और मित्र का चरण धोकर मित्रता निभाया।
परमानंद महराज बताते है की कृष्ण सुदामा चरित्र की कहानी सच्ची मित्रता का प्रतीक है, जहाँ दरिद्र ब्राह्मण सुदामा अपने बचपन के मित्र, द्वारिका के राजा श्रीकृष्ण से मिलने जाते हैं, और श्रीकृष्ण उनके फटेहाल जीवन को देखकर, उनके द्वारा लाए गए तुच्छ उपहार (पोहा/सत्तू) का अमृत मानकर खाते हैं, और बदले में बिना माँगे ही सुदामा की गरीबी दूर कर, उन्हें धनवान बना देते हैं, जो निःस्वार्थ प्रेम और मित्रता का अद्भुत कहानी बताता है।
कथा के अंतिम दिवस परिक्षित मोक्ष किया गया तथा चढ़ौत्री के पश्चात भागवत भगवान की बरात निकालकर नगर भर्मण किया गया।
इस अवसर पर पोशुराम निर्मलकर,डूलेश्वर साहू, सरपंच अमित हिरवानी,मनोज साहू,प्रकाश सिन्हा,भागवत वर्मा, संत घनश्याम पटेल,युमन साहू, रेवाराम ठाकुर,मनहरण साहू,रमेश वर्मा,तोरण देवांगन,जगदीश वर्मा,शंकर यादव, कमल निर्मलकर, निहाल निर्मलकर, बोधीराम साहू,सहित बड़ी संख्या में जन मानस उपस्थित रहे।



