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छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष ने किया पारंपरिक घानी का निरीक्षण

अम्लेश्वर : पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवादा की पावन भूमि पर स्थित वह पारंपरिक घानी (कोल्हू), जहाँ प्रकृति की गोद में शुद्धता और परंपरा का संगम होता है, आज विशेष चर्चा का केंद्र रही। यहाँ स्थानीय कारीगरों द्वारा प्राकृतिक एवं पारंपरिक विधि से तेल पेराई की जाती है, जिसका आज छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा माननीय श्री जितेंद्र कुमार साहू जी ने स्वयं स्थल पर पहुँचकर निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान  अध्यक्ष ने घानी में अपनाई जा रही परंपरागत पेराई प्रक्रिया, प्रयुक्त कच्चे माल की गुणवत्ता, उत्पादन प्रणाली तथा स्वच्छता व्यवस्थाओं का सूक्ष्म एवं गहन अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पारंपरिक घानी पद्धति से निर्मित तेल न केवल स्वास्थ्यवर्धक होता है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर ग्राम अर्थव्यवस्था का सशक्त प्रतीक भी है।

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जितेंद्र कुमार साहू ने घानी संचालकों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा उन्हें शासन स्तर पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड का मूल उद्देश्य पारंपरिक घानी उद्योग को संरक्षण देना, स्थानीय रोजगार के अवसरों का सृजन करना, तथा किसानों एवं कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

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इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि पूर्व मंडल अध्यक्ष लोकमनी चंद्राकर, महिला मोर्चा श्रीमती दिव्या कलिहारी, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा सरपंच देवादा, नीलू वर्मा सोसाइटी अध्यक्ष, गोपेश साहू, सोहन साहू, घानी संचालक एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण विकास, स्वावलंबन एवं परंपरा के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी कदम बताया।

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